بر تماشای فنایم دوخت پیریها نظر
بر تماشای فنایم دوخت پیریها نظر
یافتم در حلقهگشتن حلقهٔ چشم دگر
бар тамошой фанойам духт пириҳо назар
йофатам дар ҳалқа-гаштан ҳалқа чашм дагар
از هجوم حیرتم راه تپیدن وانشد
پیکرم سر تا قدم اشکیست در چشمگهر
аз ҳаҷум ҳиратам ро тапидан вонашад
пикарм сар то қадам ашаки-ст дар чашм-гаҳар
رفت آن سامان که در هر چشم سیلی داشتم
این زمانم آب باید شد به یاد چشم تر
рафт он сомон-ки дар ҳар чашм сили дошатам
ин змонам об бойд шуд ба йод чашм тар
چون سپند آخر نمیدانم کجا خواهم رسید
میروم از خود به دوش نالههای خود اثر
чун сапанд охар нами-донам каҷо хоҳам рсид
мӣ-рум аз худ ба душ нола-ҳой худ асар
معنی دل در خم و پیچ امل گم کردهام
یک گره تا کی به چندین رشته باشد جلوهگر
маъани дил дар хам ва пич амал гам карда-ам
як гара то ки ба чандин рашта бошад ҷалуа-гар
بسکه سامان بهار عیش امکان وحشت است
میزند گل از نفس چون صبح دامن بر کمر
басака сомон бҳор ъиш амакон вҳашт аст
мӣ-занд гул аз нафас чун субҳ доман бар камар
شبنمی در کار دارد گلشن عرض قبول
جز خجالت هرچه آنجا میتوان بردن مبر
шабанами дар кор дорад галашан ъарз қабул
ҷуз хаҷолат ҳарача онҷо мӣ-тавон бардан мабар
جوهر اصلی ندامت میکشد از اعتبار
رو به ناخن میکند چون سکه پیدا کرد زر
ҷуҳар асали ндомат мӣ-кашад аз аъатабор
ру ба нохан мекунад чун сака пидо кард зар
لب گشودنهای ظالم بی غبار کینه نیست
میشمارد عقدههای سنگ پرواز شرر
лаб гашуданаҳой золм бе-ғубор кина нест
мӣ-шморд ъақада-ҳой санг паравоз шарар
عافیت مخمور شد تا ساغر جرأت زدیم
آشیان خمیازه گشت از دستگاه بال و پر
ъофит махамур шуд то соғар ҷарот здим
ошион хамиоза-гашт аз дастаго бол ва пур
دود سودای تنزه از دماغ خود برآر
گر پری خواهی تماشاکن دکان شیشهگر
дуд судой таназа аз дамоғ худ барор
гар пари хоҳи тамошокан дакон шиша-гар
در دکان وهم و ظن بیدل قماش غیر نیست
خودفروشیهاست آنجا غیر ما از ما مخر
дар дакон ваҳм ва зн бидел қамош ғир нест
ходафарушиҳост онҷо ғир мо аз мо махар
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.