راه فضولی ما هم در ازل حیا زد
راه فضولی ما هم در ازل حیا زد
تا چشم باز کردیم مژگان به پشت پا زد
ро фазули мо ҳам дар азал ҳио зд
то чашм боз кардим мажагон ба пашт по зд
صبحی زگلشن راز بوی نفس جنون کرد
بر هر دماغ چونگل صد عطسه زین هوا زد
сабҳи загалашан роз бавай нафас ҷанун-кард
бар ҳар дамоғ чун-гул сад ъатаса зин ҳаво зд
دل داغ بینصیبی است از غیرت فسردن
دست که دامن ناز بر آتش حنا زد
дил доғ бе-насиби аст аз ғирт фасардан
даст ки доман ноз бар оташ ҳано зд
سررشتهٔ نفس نیست چندان کفیل طاقت
گر دلگره ندارد بر طبع ما چرا زد
сарарашта нафас нест чандон-кафил тоқат
гар дил-гара надорад бар табаъ мо чаро зд
در نیم گردش رنگ دور نفس تمام است
جام هوس نباید بر طاق کبریا زد
дар ним-гардаш ранг дур нафас тамом аст
ҷом ҳус набойд бар тоқ-кабарио зд
تا دل ازین نیستان یک نالهوار برخاست
چون بند نی ضعیفی صد تکیه بر عصا زد
то дил азин нистон як нола-вор бархост
чун-банд ни заъифи-сад такиа-бар ъасо зд
آرایش تحیر موقوف دستگاهیست
راه هزار جولان دامان نارسا زد
оройаш таҳир муқуф дастагоҳист
ро ҳазор ҷавлон домон норсо зд
افلاس در طبایع بیشکوه فلک نیست
ساغر دمی که بی می گردید بر صدا زد
афалос дар табойаъ бе-шакуа фалак нест
соғар дами-ки би мӣ-гардид бар садо зд
درکارگاه تقدیر دامان خامشی گیر
از آه و ناله نتوان آتش درین بنا زد
даракораго тақадир домон хомаши гир
аз о ва нола натавон оташ дарин бано зд
با گرد این بیابان عمریست هرزه تازیم
در خواب ناز بودیم بر خاک ما که پا زد
бо гард ин биобон ъамарист ҳарза тозим
дар хоб ноз будим бар хок мо ки по зд
آیینه در حقیقت تنبیه خودپرستی است
با دل دچار گشتن ما را به روی ما زد
оина дар ҳақиқат танабиа ходапарасти аст
бо дил дачор гаштан мо ро ба равай мо зд
بیدل بهار امکان رنگی نداشت چندان
دستی که سودم از یأس بر گل تپانچهها زد
бидел бҳор амакон ранги ндошт чандон
дасти ки судам аз йос бар гул тапонача-ҳо зд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.