خوشخرامان داد طبع سستبنیادم دهید
خوشخرامان داد طبع سستبنیادم دهید
خاک من بیش از غباری نیست بر بادم دهید
хош-харомон дод табаъ саст-баниодам даҳид
хок ман биш аз ғабори нест бар бодам даҳид
در فرامش خانهٔ هستی عدم گم کردهام
یادی از کیفیت آن الفت آبادم دهید
дар фаромаш-хона ҳастӣ ъадам гам карда-ам
йоди аз кифит он алафт ободам даҳид
از خیالش در دلم ارژنگها خون میخورد
یک سر مو کاش سر در کلک بهزادم دهید
аз хиолаш дар дилам аражангаҳо хон мӣ-хурд
як сар му кош сар дар калак баҳазодам даҳид
نغمهٔ دردی به صد خون جگر پروردهام
گر دماغی هست گاهی دل به فریادم دهید
нағама дарди ба сад хон ҷагар парурда-ам
гар дамоғи ҳаст-гоҳи дил ба фариодам даҳид
زین تهی دستی که بر سامان فقر افزودهام
صفر اعداد کمالم منصب صادم دهید
зин таҳи дасти ки бар сомон фақар афазуда-ам
сафар аъадод камолм манасаб содам даҳид
خون مشتاقان نباید بیتامل ریختن
زان مژه نیش جگرکاوی به فصادم دهید
хон маштоқон набойд бе-томал рихатан
зон мажа ниш ҷагараковай ба фасодам даҳид
فرصت سعی فنا ذوق وصال دیگر است
جان کنی گر رخصتی دارد به فرهادم دهید
фарсат саъи фано зуқ васол дигар аст
ҷон кани гар рхасти дорад ба фараҳодам даҳид
تا نخندد از غبارم تهمت آزادگی
بعد مردن هم کف خاکم به صیادم دهید
то нахандад аз ғаборм таҳамат озодаги
баъад мардан ҳам-каф хокам ба сиодам даҳид
نیست چون آیینهٔ دل پردهٔ ناموس حسن
شیشه مقداری به یاد آن پریزادم دهید
нест чун оина дил парда номус ҳасан
шиша мақадори ба йод он паризодам даҳид
پُر فرامش رفتهام دور از طربگاه وفاق
گر به یاد کس رسم از حال من یادم دهید
пур фаромаш рафта-ам дур аз тарабаго вафоқ
гар ба йод кас расам аз ҳол ман йодам даҳид
سرمهام، پیش که نالم، شرم آن چشممگداخت
خامشی هم بیتظلم نیستگر دادم دهید
сарма-ам, пиш ки нолм, шарм он чашмам-гадохт
хомаши ҳам бе-тазалм нест-гар додам даҳид
واگذاریدم چو بیدل با همین یاس و الم
کو دماغ زنده بودن تا دل شادم دهید
вогазоридам чу бидел бо ҳамин йос ва алм
ку дамоғ зинда будан то дил шодам даҳид
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- فرصت
- مجال کوتاه انجام کار؛ در شعر غالبا لحظه گذرای عمر.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- حسن
- زیبایی؛ جلوهٔ جمالِ معشوق و تجلیِ حُسنِ ازلی.