اگر حیرت به این رنگست دست و تیغ قاتل را
اگر حیرت به این رنگست دست و تیغ قاتل را
رگ یاقوت میگردد روانی خون بسمل را
агар ҳайрат ба ин рангаст даст ватиғ қотал ро
раг боқут мӣ-гардад равони хон басамал ро
به این توفان ندانم در تمنای که میگریم
که سیل اشک من در قعر دریا راند ساحل را
ба ин туфон ндонам дар таманой-ки мӣ-гарим
ки сил ашак ман дар қаъар дарё ронд соҳал ро
مپرس از شوخی نشو و نمای تخم حرمانم
شراری دشتم پیش از دمیدن سوخت حاصل را
мапарс аз шухи нашу ва намой тахам ҳармонам
шарори даштам пиш аз дамидан сухт ҳосал ро
خیال جذبهٔ افتادگان دست سودایت
به رنگ جاده دارد درکمند عجز منزل را
хаёл ҷазаба афтодагон даст судойт
ба ранг ҷода дорад даракаманд ъаҷаз маназал ро
زکلفتگر دلتشد غنچه، گلزارش تصورکن
که خرسندی به آسانی رساند کار مشکل را
закалафт-гар далат-шуд ғанача, галазораш тасуракан
ки харсанди ба осони рсонд кор машакал ро
لب اهل زبان نتوان به مهر خامشی بستن
قلم از سرمه خوردنکم نسازد نالهٔ دل را
лаб аҳал забон натавон ба маҳар хомаши бастан
қалм аз сарма хурадан-кам насозд нола дил ро
عبارت محرمی بیحاصل از معنی نمیباشد
به لیلی چشم واکنگر توانی دید محمل را
ъаборт маҳарми бе-ҳосал аз маъани нами-бошад
ба лили чашм вокан-гар тавони дид маҳамал ро
درآن محفل که حاجت میشود مضراب بیتابی
نواها درشکست رنگ استغناست سایل را
дарон маҳафал ки-ҳоҷат мӣ-шуд мазароб битоби
навоҳо дарашакаст ранг асатағаност сойал ро
کف خونی که دارم تا چکیدن خاک میگردد
چهسان گیرم به این بیمایگی دامان قاتل را
каф хони-ки дорм то чакидан хок мӣ-гардад
ча-сон гирм ба ин бе-мойаги домон қотал ро
بساط نیستیگرم استکو شمع و چه پروانه
کف خاکستری در خود فرو بردهست محفل را
басот нисти-гарм аст-ку шамъ ва ча паравона
каф хокастари дар худ фару барда-ст маҳафал ро
به بیارامی است آسایش ذوق طلب بیدل
خوش آن رهروکهخار پای خود فهمید منزل را
ба бе-ароми аст осойаш зуқ талаб бидел
хош он раҳарука-хор пой худ фаҳамид маназал ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.
- زبان
- عضوِ گفتار؛ ابزارِ بیان و گاه حجابِ معنای نهفته.
- معنی
- مقصود درونی یا حقیقت پنهان پشت لفظ و صورت.