به گلشن گر برافشاند ز روی ناز، کاکل را
به گلشن گر برافشاند ز روی ناز، کاکل را
هجوم نالهام آشفته سازد زلف سنبل را
ба галашан гар бар афашонд з равай ноз кокал ро
ҳаҷум нола-ам ошафта созд залаф санабал ро
چرا عاشق نگیرد ازخطش درس ز خود رفتن
که بلبل موج جام باده میخواند رگ گل را
чаро ъошақ нгирд азахташ дарс з худ рафтан
ки-балабал мавҷ ҷом-бода мӣ-хонд раг гул ро
نفس دزدیدنم توفان خون در آستین دارد
گلوی شیشهام بامی فروبردهست قلقل را
нафас даздиданам туфон хон дар остин дорад
галавай шиша-ам боми фарубарда-ст қалқал ро
ز جیب ریشه اسرار چمن گل میکند آخر
کمال جزو دارد دستگاه معنی کل را
з ҷиб-риша асарор чаман-гул мекунад охар
камол ҷазу дорад дастаго маъани-кал ро
چراغ پیریام آخربه اشک یأس شد روشن
زگردسیل دادم سرمه چشم حلقهٔ پل را
чароғ пири-ам охараба-ашак йос шуд рушан
загардасил додам сарма-чашм ҳалқа пал ро
درین گلشن اگر از ساز یکرنگی خبر داری
ز بوی گل توانی درکشید آوز بلبل را
дарин-галашан агар аз соз йакаранги хабар дори
з бавай-гул тавони даракашид оваз балабал ро
فنا مشکل کند منع تپش از طینت عاشق
به ساحل نیز درد موج این دریا تسلسلرا
фано машакал-канд манаъ тапаш аз тинат ъошақ
ба соҳал низ дард мавҷ ин дарё тасаласал-ро
ز فرق قرب و بعد ناز مشتاقان چه میپرسی
توان ازگردش چشمی نگه کردن تغافلرا
з фарақ қараб ва баъад ноз маштоқон ча мӣ-парси
тавон азагардаш чашми нга-кардан тағофал-ро
به فکر خودگره گشتیم وبیرون ریخت اسرارش
فشار طرفهای بودهست آغوش تأمل را
ба факар ходагара-гаштим-вабирун рихт-асарораш
фашор тарфа-эй буда-ст оғуш томал ро
ز دل در هر تپیدن عالم دیگر تماشا کن
مکرر نیست گر صد بار گویدشیشهقلقل را
з дил дар ҳар тапидан олам дигар тамошо кан
макарар нест гар сад бор гавайдашиша-қалқал ро
تمنا حسرت الفت خمار چشم میگونت
سراغ کوچهٔ ناسور داند شیشهٔ مل را
тамано ҳасарт алафт хамор чашм мигунат
сароғ-куча носур донд шиша мал ро
علاج زخم دل ازگریه کی ممکن بود بیدل
به شبنم بخیه نتوان کرد چاک دامن گل را
ъалоҷ захам дил азагариа-ки мамакан-буд бидел
ба шабанам бахиа натавон-кард чок доман гул ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.
- شبنم
- رطوبت لطیف بامدادی؛ نماد لطافت، ناپایداری و اشک.