گر خیالگردش چشم توام رهبر شود
گر خیالگردش چشم توام رهبر شود
چون قدح هر نقش پایم عالم دیگر شود
гар хаёл-гардаш чашм тавом раҳабар шуд
чун қадаҳ ҳар нақш пойам олам дигар шуд
سیل بیتاب مرا یارب نپیوندی به بحر
ترسم این جزو تپیدن مایهٔ گوهر شود
сил битоб маро йораб напиванди ба баҳар
тарсам ин ҷазу тапидан мойа-гуҳар шуд
عزت ترک تجمّل ازکرم افزونترست
سر به گردون میفرازد نخل چون بیبر شود
ъазат тарак таҷамал азакарм афазунатараст
сар ба-гардун мӣ-фарозд нахал чун бе-бар шуд
گوهر ما را همان شرم است زندان ابد
از گشایش دست میشوید گره چون تر شود
гуҳар мо ро ҳамон шарм аст зандон абд
аз гашойаш даст мӣ-шавайд гара чун тар шуд
تنپرستان هم مقیم آشیان معنیاند
مرغ اگر در تنگنای بیضه صاحب پر شود
тан-парсатон ҳам мақим ошион маъани-анд
марағ агар дар танганой биза соҳаб пур шуд
تیغ موجی برسرت ننوشت تعمیر محیط
ای حباب بیسر و پا خانهات ابتر شود
тиғ-муҷи барсарт нанушт таъамир маҳит
эй ҳабоб бе-сар ва по хона-ат абатар шуд
نیست آسان میکشیهای بهشت عافیت
فرصتی باید که دل خون گردد و کوثر شود
нест осон мӣ-кашиҳой бҳашт ъофит
фарсати бойд ки дил хон-гардад ва кусар шуд
عافیتها درکمین حسرت واماندگیست
صبر کن ای شعله تا سعی تو خاکستر شود
ъофитаҳо даракамин ҳасарт вомонадагист
сабар кан эй шаъала то саъи ту хокастар шуд
از ره تقوا نگشتی محرم سر منزلی
بعد از این بر گمرهی زن کاش راهی سر شود
аз ра тақаво нгашти маҳарм сар маназали
баъад аз ин бар гамараҳи зн-кош роҳи сар шуд
نیست جز اشک ندامت در محیط روزگار
آنقدر آبی که چشم آرزویی تر شود
нест ҷуз ашак ндомат дар маҳит рузагор
онақадар оби-ки чашм оразавайай тар шуд
شوخی یأسم همان ناموس اظهار است و بس
آه میبالد اگر مطلب نفسپرور شود
шухи йосам ҳамон номус азаҳор аст ва бас
о мӣ-болд агар маталаб нафас-парур шуд
حسن سرشار طلب بیدل تماشاکردنیست
گر سواد موج می خط لب ساغر شود
ҳасан сарашор талаб бидел тамошокардани-ст
гар савод мавҷ мӣ хт лаб соғар шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.