تبسمریز لعلش گر نشان پرسد غبارم را
تبسمریز لعلش گر نشان پرسد غبارم را
ببوسد تا قیامت بوی گل خاک مزارم را
табасам риз лаъалаш-гар нашон парсад ғаборм ро
бабусад то қиёмат бавай-гул хок мазорм ро
ز افسوسی که دارد عبرت خون شهید من
حنایی میکند سودنکف دست نگارم را
з афасуси ки дорад ъабарт хон шаҳид ман
ҳанойай мекунад судан-каф даст нгорм ро
مبادا دیدهٔ یعقوب توفان نموگیرد
نگاری در سر راه تمنا انتظارم را
мабодо дида йаъақуб туфон намугирд
нгори дар сар ро тамано анатазорм ро
ز اشکم بر سر مژگان عنان داری نمیآید
گِرُوتازی ست با صد شعله طفلِ نِی سوارم را
з ашакам бар сар мажагон ъанон дори нами-ойд
гарутози-ст бо сад шаъала тафали ни саворм-ро
توقع هرچه باشد بیصداعی نیست ای ساقی
قدح برسنگ زن تا بشکنی رنگ خمارم را
туқаъ ҳарача бошад бе-садоъи нест эй-соқи
қадаҳ барсанг зн то башакани ранг хаморм ро
ز دل شور قیامت میدماند رشک همچشمی
به هر آیینه منمایید رویگلعذارم را
з дил шур қиёмат мӣ-дамонд рашак ҳамачашми
ба ҳар оина манамойайд равай-галаъазорм ро
شرارکاغذم از فرصت عیشم چه میپرسی
به رنگ رفته چشمکهاستگلهای بهارم را
шароракоғазм аз фарсат ъишм ча мӣ-парси
ба ранг рафта чашмакаҳост-галаҳой бҳорм ро
به چشم بسته هم پیدا نشدگرد خیال من
نهانتر از نهانها جلوه دادند آشکارم را
ба чашм баста ҳам пидо нашадагард хаёл ман
наҳонатар аз наҳонаҳо ҷалуа доданд ошакорм ро
هوس در عالمناموس یکتایی نمیگنجد
سراغش کن ز من هرجا تهی یابیکنارم را
ҳус дар олам-номус йактойай нами-ганҷад
сароғаш-кан з ман ҳараҷо таҳи йоби-канорм ро
گر این بیحاصلی از مزرع خشکم نمو دارد
جبین هم دست خواهد از عرق شست آبیارم را
гар ин биҳосали аз мазараъ хашакам наму дорад
ҷабин ҳам даст-хоҳад аз ъарақ шаст обиорм ро
چو آتش سرکشیها میکنم اما ازین غافل
که جز افتادگی، کَس برنخواهد داشت بارَم را
чу оташ саракашиҳо мӣ-канам амо азин ғофал
ки ҷуз афтодаги,кас барнахоҳад дошт борам ро
شررخیزستگرد پایمال بیکسی بیدل
به یاد دامن قاتل مده خون شکارم را
шарархизаст-гард пойамол бикаси бидел
ба йод доман қотал мада хон шакорм ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.