بهار اندیشهٔ صدرنگ عشرت کرد بسمل را
بهار اندیشهٔ صدرنگ عشرت کرد بسمل را
کف خونی که برگ گل کند دامان قاتل را
бҳор андиша садаранг ъашарт-кард басамал ро
каф хони-ки бараг гул канд домон қотал ро
زتأثیر شکستن غنچه آغوش چمن دارد
تو هم مگذار دامان شکست شیشهٔ دل را
затосир шакастан ғанача оғуш чаман дорад
ту ҳам магазор домон шакаст шиша дил ро
نم راحت ازین دریا مجو کز درد بیآبی
لب افسوس تبخال حباب آورد ساحل را
нам роҳат азин дарё маҷу каз дард бе-оби
лаб афасус табахол ҳабоб овард соҳал ро
درین وادی حضور عافیت واماندگی دارد
مده ازکف به صد دستتصرف پای درگل را
дарин води ҳазур ъофит вомонадаги дорад
мада азакаф ба сад даст-тасарф пой дарагал ро
تفاوت در نقاب و حسن جز نامی نمیباشد
خوشا آیینهٔ صافی که لیلی دید محمل را
тафоват дар нқоб ва ҳасан ҷуз номи нами-бошад
хошо оина софи-ки лили дид маҳамал ро
چهاحسان داشتیارب جوهر شمشیر بید
که در هر قطرة خون سجده شکریست بسرال را
ча-аҳасон дошт-йораб ҷуҳар шамашир бид
ки-дараҳарақатара-хон-саҷада-шакари-ст-басарол ро
نفس در قطع راه عمر عذر لنگ می
نصیحت پیشرو باشد به وقتکارکاهل را
нафас дар қатаъ ро умр ъазар ланг мӣ
насиҳат пишару бошад ба вақат-коракоҳал ро
چو ماه نو مکن گردن کشی گر نیستی ن
که اینجا جپ سعرداریکمالی نیستکاملرا
чу мо ну макан гардан каши гар нисти н
ки инҷо ҷап саъардори-камоли нест-комаларо
عروج چرخ را عنوان عزت خواندهٔ لیکن
چنین بر باد نتوان داد الا فرد باطل را
ъаруҷ чарх ро ъанавон ъазат хонда ликан
чанин бар бод натавон дод ало фард ботал ро
دل آسوده از جوش هوسها نالهفرسا شد
خیال هرزه تازی جاده گردانید منزل را
дил осуда аз ҷуш ҳусаҳо нола-фарсо шуд
хаёл ҳарза този ҷода гардонид маназал ро
سرااغ سایه از خورشید نتوان یافتن بیدل
من و آیینهٔ نازی که میسوزد مقابل را
сароғ сойа аз хурашид натавон йофатан бидел
ман ва оина нози-ки мӣ-сузд мақобал ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.