خاموشم و بیتابی فریاد تو دارم
خاموشم و بیتابی فریاد تو دارم
چندانکه فراموش توام یاد تو دارم
хомушм ва битоби фариод ту дорм
чандонака фаромуш тавом йод ту дорм
این ناله که قد میکشد از سینهٔ تنگم
تصویر نهال ز غم آزاد تو دارم
ин нола-ки қад мӣ-кашад аз сина тангам
тасавайр наҳол з ғам озод ту дорм
تمثال گل و رنگ بهارم چه فریبد
من آینهٔ حسن خداداد تو دارم
тамасол-гул ва ранг бҳорм ча фарибд
ман оина ҳасан хадодод ту дорм
هرچند به صد رنگ زنم دست تصنع
چون وانگرم خامهٔ بهزاد تو دارم
ҳарачанд ба сад ранг занам даст тасанаъ
чун вонгарм хома баҳазод ту дорм
تا زندهام از جان کنیام نیست رهایی
شیرینی و من خدمت فرهاد تو دارم
то зинда-ам аз ҷон кани-ам нест раҳойай
ширини ва ман хадамат фараҳод ту дорм
گو شیشهٔ امکان شکند سنگ حوادث
من طاقی از ابروی پریزاد تو دارم
гу шиша амакон шаканд санг ҳаводас
ман тоқи аз абаравай паризод ту дорм
پرواز نفس یاد گرفتاری شوقایست
این یک دو پر از خانهٔ صیاد تو دارم
паравоз нафас йод гарфатори шуқ-айаст
ин як ду пур аз хона сиод ту дорм
چشمت به نگاهی ز جهان منتخبم کرد
تمغای قبول از اثر صاد تو دارم
чашмат ба нгоҳи з ҷаҳон манатахабам-кард
тамағой қабул аз асар сод ту дорм
مطرب چه تراود ز نی بینفس من
هر ناله که من دارم از ارشاد تو دارم
матараб ча таровад з ни бе-нафас ман
ҳар нола ки ман дорм аз арашод ту дорм
بیدل تو به من هیچ مدارا ننمودی
عمریست که پاس دل ناشاد تو دارم
бидел ту ба ман ҳич мадоро нанамуди
ъамарист-ки пос дил ношод ту дорм
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- شوق
- اشتیاقِ سوزان؛ کششِ پرشورِ دل بهسوی معشوق و وصال.
- هیچ
- بودِ تهی و بیاعتبار؛ نشان نفی خود یا جهان گذرا.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.