تا ز چمن دماغ را بوی بهار میرسد
تا ز چمن دماغ را بوی بهار میرسد
ضبط خودم چه ممکن است نامهٔ یار میرسد
то з чаман дамоғ ро бавай бҳор мӣ-расад
забат ходам ча мамакан-аст нома-йор мӣ-расад
گوش دل ترانهام میکدهٔ جنون کنید
ناله به یاد آن نگه نشئه سوار میرسد
гуш дил тарона-ам микада ҷанун-канид
нола ба йод он нга нашиа савор мӣ-расад
شوخی وضع چشم و لب گشت به کثرتم سبب
زین دو سه صفر بیادب یک به هزار میرسد
шухи вазаъ чашм ва лаб-гашт ба-касартам сабаб
зин ду са сафар бе-адаб як ба ҳазор мӣ-расад
چند به این شکفتگی مسخرهٔ هوس شدن
ازگل و لاله عمرهاست خنده به بار میرسد
чанд ба ин шакафтаги масахара ҳус шадан
азагал ва лола ъамараҳост ханда ба бор мӣ-расад
گردن سعی هر نهال خم شده زیر بار حرص
با ثمر غنا همین دست چنار میرسد
гардан-саъи ҳар наҳол хам шада зир бор ҳарс
бо самар ғано ҳамин даст чанор мӣ-расад
ماتم فرصت نفس رهبر هیچکس مباد
صبح به هرکجا رسد سینهفگار میرسد
мотам фарсат нафас раҳабар ҳичакас мабод
субҳ ба ҳаракаҷо расад сина-фагор мӣ-расад
تا دل ما سپند نیست گرد نفس بلند نیست
بعد شکست ساز ما زخمه به تار میرسد
то дил мо сапанд нест-гард нафас баланд нест
баъад шакаст соз мо захама ба тор мӣ-расад
درس کتاب معرفت حوصله خواه خامشی ست
گرسخنت بلند شد تا سر دار میرسد
дарс ктоб маъарафт ҳусала хо хомаши-ст
гарсаханат баланд шуд то сар дор мӣ-расад
باعث حرف و صوت خلق تنگی جای زندگیست
اینکه تو میزنی نفس دل به فشار میرسد
боъас ҳарф-ва сут халқ танги ҷой зандаги-ст
айанака ту мӣ-зни нафас дил ба фашор мӣ-расад
پایهٔ فرصت طرب سخت بلند چیدهاند
تا به دماغ میرسد نشئه خمار میرسد
пойа фарсат тараб сахт баланд чида-анд
то ба дамоғ мӣ-расад нашиа хамор мӣ-расад
برتب و تاب کر و فر ناز مچین که تا سحر
شمع به داغ میکشد فخر به عار میرسد
бартаб ва тоб-кар ва фар ноз мачин-ки то саҳар
шамъ ба доғ мӣ-кашад фахар ба ъор мӣ-расад
پای شکسته تاکجا حق طلب کند ادا
دست فسوس هم به ما آبلهدار میرسد
пой шакаста токаҷо ҳақ талаб-канд адо
даст фасус ҳам ба мо обала-дор мӣ-расад
آه حزینی از دلی گر شود آشنای لب
مژده به دوستان برید بیدل زار میرسد
о ҳазини аз дали гар шуд ошаной лаб
мажада ба дустон барид бидел зор мӣ-расад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.