حیرتکفیل پر زدنگفتگو نشد
حیرتکفیل پر زدنگفتگو نشد
شادم که آب آینهام شعلهخو نشد
ҳайрат-кафил пур задан-гафтагу нашад
шодам ки об оина-ам шаъала-хо нашад
مردیم تشنه در طلب آب تیغ او
آخر ز سرگذشت و نصیبگلو نشد
мардим ташана дар талаб об тиғ ав
охар з сарагазашт ва насиб-галу нашад
افسوس نالهای که به کویش رهی نبرد
آه از دلی که خون شد و در پای او نشد
афасус нола-эй ки ба-кавайаш раҳи набард
о аз дали-ки хон шуд ва дар пой ав нашад
آسایشم به راه تو یک نقش پا نبست
جمیعتم ز زلف تو یک تار مو نشد
осойашм ба ро ту як нақш по набаст
ҷамиъатам з залаф ту як тор му нашад
عمریست خدمت لب خاموش میکنم
ای بخت ناز کن که نفس هرزهگو نشد
ъамари-ст хадамат лаб хомуш мӣ-канам
эй бахт ноз кан ки нафас ҳарза-гу нашад
بیقدر نیست شبنم حیرت بهار عشق
نگداخت دل که آینهٔ آبرو نشد
бе-қадар нест шабанам ҳайрат бҳор ишқ
нагадохт дил-ки оина обару нашад
اشیا مثال آینهٔ بینشانیند
نشکفت ازین چمن گل رنگی که بو نشد
ашио масол оина бе-нашонинд
нашакафт азин чаман гул ранги ки бу нашад
وهم ظهور سر به گریبان خجلت است
فکری نداد رو که سر ما فرو نشد
ваҳм заҳур сар ба гарибон хаҷалат аст
факари ндод ру ки сар мо фару нашад
بیگانه است مشرب فقر و غنا زهم
ساغر نگشت کشتی و مینا کدو نشد
бигона аст машараб фақар ва ғано заҳам
соғар нгашт кашти ва мино каду нашад
بیدل چو شمع ساخت جبین نیازما
با سجدهای که غیر گدازش وضو نشد
бидел чу шамъ сохт ҷабин ниозмо
бо саҷада-эй ки ғир гадозаш вазу нашад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.