کی رود از خاطر آشفتهام سودای ناز
کی رود از خاطر آشفتهام سودای ناز
مو به مویم ریشه دارد از خطش غوغای ناز
ки руд аз хотар ошафта-ам судой ноз
му ба мавайам риша дорад аз хаташ ғуғой ноз
عرش پرواز است معنی تا زمینگیرست لفظ
اینقدر از عجز من قد میکشد بالای ناز
ъараш паравоз аст маъани то змингираст лафаз
айанқадар аз ъаҷаз ман қад мӣ-кашад болой ноз
دل نه تنها از تغافل های سرشارش گداخت
حیرت آیینه هم خون است ز استغنای ناز
дил на-танаҳо аз тағофал ҳой сарашораш-гадохт
ҳайрат оина ҳам хон аст з асатағаной ноз
نیست ممکن گل کند زین پردهٔ عجز و غرور
عشق بیعرض نیاز و حسن بیایمای ناز
нест мамакан гул канд зин парда ъаҷаз ва ғарур
ишқ бе-ъарз ниоз ва ҳасан бе-айамой ноз
تا به شوخی میزند چشمت عرقگل میکند
نیست بیایجاد گوهر موج این دریای ناز
то ба шухи мӣ-занд чашмат ъарақ-гул мекунад
нест бе-айаҷод гуҳар мавҷ ин дариой ноз
بسکه ابرام نیاز از بیخودی بردیم پیش
چین ابرو شد تبسم بر لب گویای ناز
басака абаром ниоз аз биходи бардим пиш
чин абару шуд табасам бар лаб-гавайой ноз
گرچه رنگ شوخچشمی برنمیدارد حیا
در عرق یک سر نگه میپرورد سیمای ناز
гарача ранг шух-чашми барнами-дорад ҳио
дар ъарақ як сар нга мӣ-парурд симой ноз
در چمن، رعنایی سرو لب جویم کداخت
ازکجا افتاده است این سایهٔ بالای ناز
дар чаман, раъанойай сару лаб ҷавайам-кадохт
азакаҷо афтода аст ин сойа болой ноз
تا به کی باشی فضول آرزوهای غرور
در نیازآباد هستی نیست خالی جای ناز
то ба-ки боши фазул орзуҳой ғарур
дар ниозобод ҳастӣ нест холи ҷой ноз
شعلهٔ افسرده رعنایی به خاکستر نهفت
موی پیری گشت آخر پنبهٔ مینای ناز
шаъала афасарда раъанойай ба хокастар наҳафт
мавай пири-гашт охар панаба миной ноз
گرتظلم دامنت گیرد به دل خون کن نفس
با تغافل توام است افتادهست سر تا پای ناز
гартазалм доманат-гирд ба дил хон кан нафас
бо тағофал тавом аст афтода-ст сар то пой ноз
چشم کو تا از قماش حیرت آگاهش کنند
سخت بیرنگ است بیدل صورت دیبای ناز
чашм-ку то аз қамош ҳайрат огоҳаш кананд
сахт биранг аст бидел сурт дибой ноз
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.