حسن شرم آیینه داند روی تابان ترا
حسن شرم آیینه داند روی تابان ترا
چشم عصمت سرمه خواند گرد دامان تو را
ҳасан шарм оина донд равай тобон таро
чашм-ъасамат сарма-хонадагард домон ту ро
بسکه بر خود میتپد از آرزوی ناوکت
میکند در سینه دل هم کار پیکان تو را
басака бар худ мӣ-тапад аз оразавай новакт
мекунад дар сина дил ҳам-кор пикон ту ро
در تماشایت همین مژگان تحیر ساز نیست
هر بن مو چشم قربانیست حیران تو را
дар тамошойт ҳамин мажагон таҳир соз нест
ҳар бан му чашм қарабони-ст ҳирон ту ро
گلشناز اوراقگل عمریست پیش عندلیب
میگشاید دفتر خون شهیدان تو را
галашан-аз авароқ-гул ъамари-ст пиш ъандалиб
мӣ-гашойд дафтар хон шаҳидон ту ро
در گرفتاری بود آسایش عشاق و بس
آشیان از حلقهٔ دام است مرغان تو را
дар гарфатори буд осойаш ъашоқ ва бас
ошион аз ҳалқа дом аст марағон ту ро
سرمه از خاک شهیدانگر نینگیزد غبار
کیست تا فهمد زبان بینوایان تو را
сарма аз хок шаҳидон-гар нингизд ғубор
кист то фаҳамад забон бинавойон ту ро
غیر جرم عشق در آزار ما آزردگان
حیله بسیار است خوی ناپشیمان تو را
ғир ҷарм ишқ дар озор мо озардагон
ҳила басиор аст хой нопашимон ту ро
طیلسان را از غبار خود به دوش افکندنست
تا توان بستن به دل احرام دامان تو را
тиласон ро аз ғубор худ ба душ афаканданаст
то тавон бастан ба дил аҳаром домон ту ро
پیکر مجنون به تشریف دگر محتاج نیست
کسوت خارا همان زیباست عریان تو را
пикар маҷанун ба-ташариф дагар маҳатоҷ нест
касут хоро ҳамон зибост ъарион ту ро
نشئهٔ عمر خضر جوش دوبالا میزند
گر عصا گیرد بلندیهای مژگان تو را
нашиа умр хазар ҷуш дуболо мӣ-занд
гар ъасо гирд баландиҳой мажагон ту ро
میتواند دقتم فرق شکست از موج کرد
لیک نشناسم ز رنگ خویش پیمان تو را
мӣ-тавонд дақатам фарақ шакаст аз мавҷ-кард
лик нашаносам з ранг хеш пимон ту ро
ای دل گم کرده مطلب هرزه نالی تا به کی
جوش ابرامت اثرگم کرد افغان تو را
эй дил гам карда маталаб ҳарза ноли то ба-ки
ҷуш абаромат асарагам кард афағон ту ро
تا شوی یک چشم رسوای تماشای بتان
چون مژه صد چاک میبایدگریبان تو را
то шавай як чашм расавой тамошой батон
чун мажа сад чок мӣ-бойадагарибон ту ро
بیدل از رنگین خیالیهای فکرت میسزد
جدول رنگ بهار اوراق دیوان تو را
бидел аз рангин хиолиҳой факарт мӣ-сазд
ҷадул ранг бҳор авароқ дивон ту ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.