تا چشم تو شد ساغر دوران تغافل
تا چشم تو شد ساغر دوران تغافل
خون دو جهان ریخت به دامان تغافل
то чашм ту шуд соғар дурон тағофал
хон ду ҷаҳон рихт ба домон тағофал
بر زخم که خواهی نمک افشاند که امروز
گل کرده تبسم ز نمکدان تغافل
бар захам ки хоҳи намак афашонд ки амаруз
гул-карда табасам з намакадон тағофал
آنجا که تماشای تو منظور نظرهاست
چندین مژه چاکست گریبان تغافل
онҷо ки тамошой ту маназур назараҳост
чандин мажа чокаст гарибон тағофал
برگیست لبت از چمنستان تبسم
موجیست نگاه تو ز عمان تغافل
барагист лабат аз чаманастон табасам
муҷист нго ту з ъамон тағофал
گیسوی تو مدّ الف آیت خوبی
ابروی تو بسمالله دیوان تغافل
гисавай ту мад алаф ойт хоби
абаравай ту басам-алала дивон тағофал
امید به راه تو زمینگیر خیالیست
شاید نگهی واکشد از شان تغافل
амид ба ро ту змингир хиолист
шойд нагаҳи вокашад аз шон тағофал
چشم تو به این مستی و پیمان شکنیها
نشکست چرا ساغر پیمان تغافل
чашм ту ба ин масти ва пимон шаканиҳо
нашакаст чаро соғар пимон тағофал
فردا که به قاتل گرود خون شهیدان
دست من خون گشته و دامان تغافل
фардо ки ба қотал-гаруд хон шаҳидон
даст ман хон-гашта ва домон тағофал
صد صبح نمک بر جگر خستهٔ ما بست
آن غنچهٔ نشکفته نمکدان تغافل
сад субҳ намак бар ҷагар хаста мо баст
он ғанача нашакафта намакадон тағофал
در عشق تو دیگر به چه امید توان زیست
ای آینهٔ لطف تو برهان تغافل
дар ишқ ту дигар ба ча амид тавон зист
эй оина латаф ту бараҳон тағофал
عمریست که دل تشنه لب دور نگاهیست
یارب که بگردد سر مژگان تغافل
ъамарист-ки дил ташана лаб дур нгоҳист
йораб ки багардад сар мажагон тағофал
بیدل شرری گشت و به دامان نگه ریخت
گردی که نکردیم به میدان تغافل
бидел шарари-гашт ва ба домон нга рихт
гарди-ки накардим ба мидон тағофал
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- نگاه
- نگریستن؛ تجلیِ معشوق و سرچشمهٔ شور و گرفتاری.
- امید
- چشمداشتِ خیر؛ نورِ دل در برابرِ نومیدی و رجای وصل.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.