زمینگیری ز جولانم چه امکانست وادارد
زمینگیری ز جولانم چه امکانست وادارد
بروبرفتن ز خود چون شمع ر هر عضو پا دارد
змингири з ҷулонам ча амаконаст водорд
баруб-рафтан з худ чун шамъ-р ҳар ъазу по дорад
خط طومار یاهن آرایش مهر جفا درد
به رنگ شاخ گل آهم سراپا داغها دارد
хт тумор йоҳан оройаш маҳар ҷафо дард
ба ранг шох-гул оҳам саропо доғаҳо дорад
در آن وادی که من دارم کمین انتظار او
غباری گر تپد آواز پای آشنا دارد
дар он води ки ман дорм камин анатазор ав
ғабори-гар тапад овоз пой ошано дорад
زگل باید سراغ غنچهٔگمگشته پرسیدن
که از چشم تحیر رفتن دل نقش پا دارد
загал бойд сароғ ғанача-гамагашта парсидан
ки аз чашм таҳир рафтан дил нақш по дорад
فناپروردگانیم از مزاج ما چه میپرسی
فضای عالم موهوم هستی یک هوا دارد
фанопарурадагоним аз мазоҷ мо ча мӣ-парси
фазой олам муҳум ҳастӣ як ҳаво дорад
سرایت نغمهٔ عجزیم ساز آفرینش را
درپن محفل شکست از هرچه باشد رنگ ما دارد
саройт нағама ъаҷазим соз офаринаш ро
дарапан-маҳафал шакаст аз ҳарача бошад ранг мо дорад
قد پیران تواضع میکند عیش جوانی را
پل از بهر وداع سیل پشت خود دوتا دارد
қад пирон тавозаъ мекунад ъиш ҷавони ро
пал аз баҳар вадоъ сил пашт худ дуто дорад
ز خوب و زشت امکان صافدل تنگی نمیچیند
به بزم آینه عکسی اگر ره برد جا دارد
з хоб ва зашт амакон софадал танги нами-чинд
ба базм оина ъакаси агар ра бард ҷо дорад
ز حال گوشهگیر فقر ای منعم مشو غافل
که خواب مخملی در رهن نقش بوریا دارد
з ҳол-гуша-гир фақар эй манаъам машу ғофал
ки хоб махамали дар раҳан нақш бурио дорад
ز عالم نگذری بیدستگیریهای آزادی
کسی برخیزد از دنیا که از وحشت عصا دارد
з олам нагазари бе-дастагириҳой озоди
каси бархизд аз данио ки аз вҳашт ъасо дорад
جهانی سرخوش آگاهیست ازگردش حالم
شکست رن من چون خند مینا صدا دارد
ҷаҳони сархош огоҳи-ст азагардаш ҳолм
шакаст рн ман чун ханд мино садо дорад
به رنگ آب سیر برگ برگ این چمن کردم
گل داغست بیدل آنکه بویی از وفا دارد
ба ранг об сир бараг бараг ин чаман кардам
гул доғ-ст бидел онака бавайай аз вафо дорад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.