تاز مستی غنچه برفرق چمن مینا شکست
تاز مستی غنچه برفرق چمن مینا شکست
رنگ ما هم ازترنج جام می صفرا شکست
тоз масти ғанача барфарақ чаман мино шакаст
ранг мо ҳам азатаранҷ ҷом мӣ сафаро шакаст
تنگنای شهر، تاب شهرت سودا نداشت
گرد ما دیوانگان در دامن صحرا شکست
танганой шаҳар, тоб шаҳарт судо ндошт
гард мо дивонгон дар доман саҳаро шакаст
میرود بر باد عالمگر خموشان دم زنند
رنگ صدگلشن به آه غنچهای تنها شکست
мӣ-руд бар бод олам-гар хамушон дам знанд
ранг садагалашан ба о ғанача-эй танаҳо шакаст
پیچ و تاب موج غیر از انقلاب بحر نیست
چرخ رنگ خویش با مینای مایکجا شکست
пич ва тоб мавҷ ғир аз анақалоб баҳар нест
чарх ранг хеш бо миной мойакаҷо шакаст
صافی وحدت مکدرگشتکثرت جلوه کرد
موج شد تمثال تا آیینهٔ دریا شکست
софи ваҳадат макадарагашт-касарт ҷалуа-кард
мавҷ шуд тамасол то оина дарё шакаст
کیست دریابد عروج دستگاه بیخودی
رنگ ما طرفکلاه ناز پر بالا شکست
кист дариобд ъаруҷ дастаго биходи
ранг мо тарф-кало ноз пур боло шакаст
موج دریای ندامت امتحان آگهیست
صدمژه یک چشم مالیدن به چشم ما شکست
мавҷ дариой ндомат аматаҳон огаҳи-ст
садамажа як чашм молидан ба чашм мо шакаст
از فریب خاکساریهای خصم ایمن مباش
سنگ تا شد مایل افتادگی مینا شکست
аз фариб хокасориҳой хасам айаман мабош
санг то шуд мойал афтодаги мино шакаст
بسکه عالم را به حسن خلق ممنون کردهایم
رنگ هم نتواند ازجرأت به روی ما شکست
басака олам ро ба ҳасан халқ маманун карда-айам
ранг ҳам натавонд азаҷарот ба равай мо шакаст
باغ امکان یکگل آغوش فضا پیدا نکرد
رنگها بر یکدگر از تنگی این جا شکست
боғ амакон як-гул оғуш фазо пидо накард
рангаҳо бар йакадагар аз танги ин ҷо шакаст
عمرها شد از دعاهای سحر شرمندهام
چین آهی داشتم در دامن شبها شکست
ъамараҳо шуд аз даъоҳой саҳар шарманда-ам
чин оҳи дошатам дар доман шабҳо шакаст
هرزه تاکی پیش پیش بحر باید تاختن
موج ما از شرمدر دامانگوهر پا شکست
ҳарза токи пиш пиш баҳар бойд тохатан
мавҷ мо аз шарм-дар домон-гуҳар по шакаст
پیش ازآن بیدل که هستی آشیان پیرا شود
نام ما بال هوس در بیضهٔ عنقا شکست
пиш азон бидел-ки ҳастӣ ошион пиро шуд
ном мо бол ҳус дар биза ъанқо шакаст
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.