در تماشایی که باید صد مژه بالا شکست
در تماشایی که باید صد مژه بالا شکست
خواب غفلت چون نگه مارا به چشم ما شکست
дар тамошойай-ки бойд сад мажа боло шакаст
хоб ғафалат чун нга моро ба чашм мо шакаст
شوق بیتاب و قدم لبریزجوش آبله
تاکجاهابایدم مینا به پر پا شکست
шуқ битоб ва қадам лабаризаҷуш обала
токаҷоҳобойадам мино ба пур по шакаст
خاکگردیدیم و از ذوق طلب فارغ نهایم
نام در پرواز آمد تا پر عنقا شکست
хок-гардидим ва аз зуқ талаб форағ на-айам
ном дар паравоз омад то пур ъанқо шакаст
عالمی را حسرت آن لعل درآتش نشاند
موج گوهر خار در پیراهن دریا شکست
ъолми ро ҳасарт он лаъал дароташ нашонд
мавҷ-гуҳар хор дар пироҳан дарё шакаст
در خم زلفت چسان فتاد دلگردد بلند
این شبستان سرمهدانها درگلوی ما شکست
дар хам залафт часон фтод дил-гардад баланд
ин шабастон сарма-донаҳо дарагалавай мо шакаст
سرکشان بگذار تا گردند پامال غرور
گردن این قوم خواهد بار استغنا شکست
саракашон багазор то гарданд помол ғарур
гардан ин қум хоҳад бор асатағано шакаст
تاکدامین قطره گردد قابل تاجگهر
صد حباب اینجا زبیمغزی سرخود راشکست
токадомин қатара гардад қобал тоҷ-гаҳар
сад ҳабоб инҷо заби-мағази сарход рошакаст
مو خون لاله میآید سراسر در نظر
یا دل دیوانهای در دامن صحرا شکست
му хон лола мӣ-ойд саросар дар назар
йо дил дивона-эй дар доман саҳаро шакаст
بیتکلف از غبار یاس دلها نگذری
تشنهٔ خون میشد هرذره چون مینا شکست
бе-такалаф аз ғубор йос далаҳо нагазари
ташана хон мӣ-шуд ҳарзара чун мино шакаст
برفریب نسیه نقد خرمیها باختیم
ساغر امروز ما بدمستی فردا شکست
барфариб насиа нақад хармиҳо бохтим
соғар амаруз мо бадамасти фардо шакаст
تا لطافت از طبایع رفت شعراز رتبه ماند
مشتریگردید سنگ و قیمتکالا شکست
то латофт аз табойаъ рафт шаъароз ратаба монд
маштари-гардид санг ва қимат-коло шакаст
بیدل ازبس شوق دل محملکش جولان ماست
خواب مخمل موج زد خاری اگر در پا شکست
бидел азабас шуқ дил маҳамал-каш ҷавлон мост
хоб махамал мавҷ зд хори агар дар по шакаст
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.
- قدم
- پا یا گام؛ نشانهٔ آمدن، حضور و سلوکِ راهِ معنا.
- خواب
- خفتن و رؤیا؛ نشانهٔ غفلت در برابرِ بیداریِ دل.
- شوق
- اشتیاقِ سوزان؛ کششِ پرشورِ دل بهسوی معشوق و وصال.