تا فلک بر باد ناکامی دهد تسکین من
تا فلک بر باد ناکامی دهد تسکین من
همچو اخگر پنبه بیرون ریخت از بالین من
то фалак бар бод нокоми даҳад тасакин ман
ҳамачу ахагар панаба бирун рихт аз болин ман
بیخودی را رونق بزم حضورم کردهاند
رنگهای رفته میبندد چو شمع آیین من
биходи ро рунқ базм ҳазурм-карда-анд
рангаҳой рафта мӣ-бандад чу шамъ ойайан ман
گرد رفتارت پری افشاند در چشم ترم
دهر شد طاووس خیز ازگریهٔ رنگین من
гард рафторт пари афашонд дар чашм тарм
даҳар шуд товавас хиз азагариа рангин ман
زین گلستان دامنی بر چیدهام مانند صبح
کز گریبان فلک دارد تبسم چین من
зин-галастон домани бар чида-ам монанд субҳ
каз гарибон фалак дорад табасам чин ман
موج این بحر جنون هنگام توفان مشربیست
نیست بیتجدید وحشت الفت دیرین من
мавҷ ин баҳар ҷанун ҳангом туфон машараби-ст
нест бе-таҷадид вҳашт алафт дирин ман
ذوق آگاهی به چندین شبههام پامال کرد
عالم تمثال شد آیینهٔ خود بین من
зуқ огоҳи ба чандин шабҳа-ам помол-кард
олам тамасол шуд оина худ бин ман
بسکه چون گوهر قناعت در مزاجم پا فشرد
موج زد ابرام و نگذشت از پل تمکین من
басака чун-гуҳар қаноъат дар мазоҷам по фашард
мавҷ зд абаром ва нагазашт аз пал тамакин ман
بستن چشمیست تسخیر جهات امّا چه سود
داد گیرایی به حیرت چنگل شاهین من
бастан чашми-ст тасахир ҷаҳот амо ча суд
дод гиройай ба ҳайрат чангал шоҳин ман
ناروایی معنیام را بسکه در پستی نشاند
خاک میلیسد زبان عبرت از تحسین من
норавойай маъани-ам ро басака дар пасти нашонд
хок мӣ-лисад забон ъабарт аз таҳасин ман
از شکست دل خیال نازکی گل کردهام
واکشید از موی چینی مصرع تضمین من
аз шакаст дил хаёл нозаки гул карда-ам
вокашид аз мавай чини масараъ тазмин ман
شخص عبرت بیندامت قابل ارشاد نیست
از صدای دست بر هم سوده کن تلقین من
шахас ъабарт бе-ндомат қобал арашод нест
аз садой даст бар ҳам суда-кан талқин ман
شکوهٔ افسردگی بیدل کجا باید شمرد
ناله در نقش نگین خفت از دل سنگین من
шакуа афасардаги бидел-каҷо бойд шмард
нола дар нақш нгин хафт аз дил сангин ман
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.