چو ناله گرد نمودم اثر نمیتابد
چو ناله گرد نمودم اثر نمیتابد
بهار من هوس رنگ برنمیتابد
чу нола гард намудам асар нами-тобд
бҳор ман ҳус ранг барнами-тобд
به یک نظر ز سراپای من قناعت کن
که داغ عرض مکرر شرر نمیتابد
ба як назар з саропой ман қаноъат кан
ки доғ ъарз макарар шарар нами-тобд
به طبع بختم اگر خواب غالب است، چه سود؟
که پنجهٔ مژهام هیچ برنمیتابد
ба табаъ бахтам агар хоб ғолаб аст, ча суд?
ки панҷа мажа-ам ҳич барнами-тобд
اشاره میکند از پا نشستن کهسار
که بار نالهٔ دل هر کمر نمیتابد
ашора мекунад азапонашастан-каҳасор
ки бор нола дил ҳар камар нами-тобд
گرفته است خیالت فضای امکان را
چه مهر و ماه که بر بام و در نمیتابد
гарфата аст хиолат фазой амакон ро
ча маҳар ва мо-ки бар бом ва дар нами-тобд
گشاد و بست نگاهی ز دل غنیمت دان
چراغ راه نفس آنقدر نمیتابد
гашод ва баст нгоҳи з дил ғанимат дон
чароғ ро нафас онақадар нами-тобд
نصیب نالهٔ ما هیچ جا رسیدن نیست
نهال یأس خیال ثمر نمیتابد
насиб нола мо ҳич ҷо рсидан нест
наҳол йос хаёл самар нами-тобд
طراوت عرق شرم ما سیه کاریست
که این ستاره به شام دگر نمیتابد
тароват ъарақ шарм мо сиа кори-ст
ки ин стора ба шом дагар нами-тобд
غبار آینه، اظهار جوهر است اینجا
صفای طبع غرور هنر نمیتابد
ғубор оина,азаҳор ҷуҳар аст инҷо
сафой табаъ ғарур ҳанар нами-тобд
طلسمخویش شکستن علاج کلفت ماست
که شب نمیگذرد تا سحر نمیتابد
таласам-хеш шакастан ъалоҷ-калафт мост
ки шаб нами-газард то саҳар нами-тобд
نگاه ما ز تماشای غیر مستغنیست
برون خویش چراغ گهر نمیتابد
нго мо з тамошой ғир мастағани-ст
барун хеш чароғ гаҳар нами-тобд
حباب سخت دلیرانه میزند بر موج
دل گرفته ز شمشیر سر نمیتابد
ҳабоб сахт далирона мӣ-занд бар мавҷ
дил гарфата з шамашир сар нами-тобд
چو اشک در گره خود چکیدنی دارم
دماغ آبله زین بیش برنمیتابد
чу ашак дар гара худ чакидани дорм
дамоғ обала зин биш барнами-тобд
خیال بسمل نیرنگ حیرتم بیدل
به خون تپیدن من بال و پر نمیتابد
хаёл басамал ниранг ҳиратам бидел
ба хон тапидан ман бол ва пур нами-тобд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.