زین چمن درکف ندارد غنچهٔ دل جز گره
زین چمن درکف ندارد غنچهٔ دل جز گره
دانهٔ ما را چو گوهر نیست حاصل جز گره
зин чаман даракаф надорад ғанача дил ҷуз гара
дона мо ро чу гуҳар нест ҳосал ҷуз гара
از امل محملکش صدکاروان نومیدیام
سبحه درگردن نمیبندد حمایل جزگره
аз амал маҳамал-каш садакоравон нумиди-ам
сабҳа дарагардан нами-бандад ҳамойал ҷазагара
از تعلق، حاصل آزادگان خونخوردن است
سروکم آرد به بار از پای درگل جزگره
аз таъалқ, ҳосал озодагон хон-хурадан аст
сарукам орд ба бор аз пой дарагал ҷазагара
از فسون عافیت بر خود در کوشش مبند
رشتهٔ راهت نمیبیند ز منزل جزگره
аз фасун ъофит бар худ дар кушаш мабанд
рашта роҳат нами-бинд з маназал ҷазагара
از حیا بر روی خود درهای نعمت بستهای
بیزبانی نفکند در کار سایل جز گره
аз ҳио бар равай худ дараҳой наъамат баста-эй
бе-забони нафаканд дар кор сойал ҷуз гара
غافل از تردستی مطرب درین محفل مباش
زخمه جز ناخن ندارد درکف و دل جزگره
ғофал аз тардасти матараб дарин маҳафал мабош
захама ҷуз нохан надорад даракаф ва дил ҷазагара
همتی ای شعلهخویان! کاین سپند بینوا
تحفهای دیگر ندارد نذر محفل جزگره
ҳамати эй шаъала-хойон! койан сапанд бинаво
таҳафа-эй дигар надорад назар маҳафал ҷазагара
یک دل تنگ است عالم بیحصول مدعا
تابود در پرده لیلی نیست محمل جزگره
як дил танг аст олам бе-ҳасул мадаъо
тобуд дар парда лили нест маҳамал ҷазагара
بر اسیران دل از فقر و غنا افسون مخوان
نیست در چشم گهر دریا و ساحل جز گره
бар асирон дил аз фақар ва ғано афасун махон
нест дар чашм-гаҳар дарё ва соҳал ҷуз гара
صاف طبعان بیدل از هستیکدورت میکشند
از نفس آیینهها را نیست در دل جزگره
соф табаъон бидел аз ҳастӣ-кадурт мӣ-кашанд
аз нафас оина-ҳо ро нест дар дил ҷазагара
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.
- پرده
- حجاب و پوشش؛ مانع آشکارشدن یا نشانه پنهانی راز.
- حیا
- شرم و آزرم؛ پردهٔ ادب و حجابِ جمالِ معشوق.
- محفل
- انجمن و بزم؛ مجلسِ یاران و جلوهگاهِ شمعِ معشوق.
- عافیت
- تندرستی و آسودگی؛ سلامتِ جان و رهایی از آشوبِ تعلق.