خارج ابنای جنس است آنکه موزون میشود
خارج ابنای جنس است آنکه موزون میشود
قطره چون گردد گهر از بحر بیرون میشود
хораҷ абаной ҷанас аст онака музун мӣ-шуд
қатара чун гардад гаҳар аз баҳар бирун мӣ-шуд
با همه افسردگی گر راه فکری واکنم
جیب ما خمخانهٔ جوش فلاطون میشود
бо ҳама афасардаги гар ро факари воканам
ҷиб мо хамахона ҷуш фалотун мӣ-шуд
شبنم و گل غیر رسوایی چه دارد زین چمن
گریهٔ بیدردی ما خنده مقرون میشود
шабанам ва гул ғир расавойай ча дорад зин чаман
гариа бидарди мо ханда мақарун мӣ-шуд
خانهداری دیگر و صحرانوردی دیگر است
تاب دلتنگی ندارد آنکه مجنون میشود
хона-дори дигар ва саҳаронурди дигар аст
тоб далатанги надорад онака маҷанун мӣ-шуд
از جنونِ کر و فر، بر چرخ مَفرازید سر
کاین صدای کوه آخر گرد هامون میشود
аз ҷанун кар ва фар, бар чарх мафарозид сар
койан садой куа охар гард ҳомун мӣ-шуд
با کفن سازید پاک آلایش ننگ جسد
جامه چون شد شوخگین محتاج صابون میشود
бо кафан созид пок олойаш нанг ҷасад
ҷома чун шуд шухагин маҳатоҷ собун мӣ-шуд
سعد اگر خوانی چه حاصل طینت منحوس را
همچنان مسخ است اگر بوزینه، میمون میشود
саъад агар хони ча ҳосал тинат манаҳус ро
ҳамачанон масах аст агар бузина, мимун мӣ-шуд
زین غناها آنچه خواهی از صفای دل طلب
چون به صیقل میرسد آیینه قارون میشود
зин ғаноҳо онача хоҳи аз сафой дил талаб
чун ба сиқал мӣ-расад оина қорун мӣ-шуд
بیتکلف نیست موقوف دو مصرع وضع بیت
چون دو در مربوط هم شد خانه موزون میشود
бе-такалаф нест муқуф ду масараъ вазаъ бит
чун ду дар марабут ҳам-шуд хона музун мӣ-шуд
بر سرم گر سایه افتد زان حنایی نقش پا
چون بهار از سایهٔ من خاک گلگون میشود
бар сарам-гар сойа афатад зон ҳанойай нақш по
чун бҳор аз сойа ман хок галагун мӣ-шуд
جهدها باید که جامی زین چمن آری به دست
آب تا گل هر قدم رنگی دگر خون میشود
ҷаҳадаҳо бойд ки ҷоми зин чаман ори ба даст
об то гул ҳар қадам ранги дагар хон мӣ-шуд
تا کیت قلقلنواییهای آهنگ شباب
ای جنونپیمای غفلت شیشه واژون میشود
то кит қалқал-навойайаҳой оҳанг шабоб
эй ҷанун-пимой ғафалат шиша вожун мӣ-шуд
بیدل اشعار من از فهم کسان پوشیده ماند
چون عبارت نازک افتد رنگ مضمون میشود
бидел ашаъор ман аз фаҳам касон пушида монд
чун ъаборт нозак афатад ранг мазмун мӣ-шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.