عبث خود را چو آتش تهمت آلود غضب کردم
عبث خود را چو آتش تهمت آلود غضب کردم
به هر خاشاک چندان گرم جوشیدم که تب کردم
ъабас худ ро чу оташ таҳамат олуд ғазаб кардам
ба ҳар хошок чандон гарм ҷушидам ки таб кардам
چو آن طفلی که رقص بسملش در اهتزاز آرد
نفسها را پر افشان یافتم ناز طربکردم
чу он тафали-ки рақас басамалаш дар аҳатазоз орд
нафасаҳо ро пур афашон йофатам ноз тараб-кардам
به داغ صد کلف وا سوختم از خامی همت
چو ماه از خانهٔ خورشید اگر آتش طلبکردم
ба доғ сад калаф во сухатам аз хоми ҳамат
чу мо аз хона хурашид агар оташ талаб-кардам
مخواه از موج گوهر جرآت توفان شکاریها
کمند نارسایی داشتم صید ادب کردم
махо аз мавҷ-гуҳар ҷарот туфон шакориҳо
каманд норсойай дошатам сид адаб кардам
ز حسن بی نشان تا وانمایم رنگ تمثالی
در حیرت زدم آیینهداری را سبب کردم
з ҳасан би нашон то вонамойам ранг тамасоли
дар ҳайрат задам оина-дори ро сабаб-кардам
به مستان مینوشتم بیخودی تمهید مکتوبی
مدادش را دوات از سایهٔ برگ عنب کردم
ба мастон мӣ-нушатам биходи тамаҳид мактуби
мадодаш ро давот аз сойа бараг ъанаб кардам
چوشمع از خلوت و محفل شدم مرهون داغ دل
ز چندین دفتر آخر نقطهای را منتخبکردم
чушамаъ аз халут ва маҳафал шадам мараҳун доғ дил
з чандин дафтар охар нақата-эй ро манатахаб-кардам
چو گردون هر چه جوشید از غبارم جوهر دل شد
به این یک شیشه خلقی را دکان دار حلبکردم
чу гардун ҳар ча ҷушид аз ғаборм ҷуҳар дил шуд
ба ин як шиша халқи ро дакон дор ҳалаб-кардам
به مشق عافیت راهی دگر نگشود این دریا
همین چون موج گوهر گردنی را بیعصب کردم
ба машақ ъофит роҳи дагар нагашуд ин дарё
ҳамин чун мавҷ-гуҳар гардани ро бе-ъасаб-кардам
نرفت از طینتم شغل تمنای زمین بوسش
چو ماه نو جبین گر سوده شد ایجاد لب کردم
нарфат аз тинатам шағал таманой замин бусаш
чу мо ну ҷабин гар суда шуд айаҷод лаб кардам
ندامت داشت بیدل معنی موهوم فهمیدن
به تحقیق نفس روز هزار آیینه شب کردم
ндомат дошт бидел маъани муҳум фаҳамидан
ба таҳақиқ нафас рӯз ҳазор оина шаб-кардам
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- جوهر
- ذات و بنیاد شیء؛ چیزی که قائم به خود دانسته میشود.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- حسن
- زیبایی؛ جلوهٔ جمالِ معشوق و تجلیِ حُسنِ ازلی.
- معنی
- مقصود درونی یا حقیقت پنهان پشت لفظ و صورت.