روزگاری که به عشق از هوسم افکندند
روزگاری که به عشق از هوسم افکندند
بال و پر کنده برون قفسم افکندند
рузагори-ки ба ишқ аз ҳусам афаканданд
бол ва пур канда барун қафасам афаканданд
ما و من خوش پر و بالی به خیال انشا کرد
مور بودم به غرور مگسم افکندند
мо ва ман хош пур ва боли ба хаёл анашо кард
мур будам ба ғарур магасам афаканданд
تا کند عبرتم آگاه ز هنگامهٔ عمر
در تب و تاب شمار نفسم افکندند
то канд ъабартам ого з ҳангома умр
дар таб ва тоб шмор нафасам афаканданд
خون خشکم جوی از قدر نیرزبد آخر
صد ره از پوست برون چو عدسم افکندند
хон хашакам ҷавай аз қадар нирзабд охар
сад ра аз пуст барун чу ъадасам афаканданд
نقش پا کرد تصور به تغافل زد و رفت
در ره هر که خط ملتمسم افکندند
нақш по кард тасур ба тағофал зд ва рафт
дар ра ҳар ки хт малатамасам афаканданд
ناز دارم به غباری که ز بیداد فلک
سرمه شد تا به ره دادرسم افکندند
ноз дорм ба ғабори-ки з бидод фалак
сарма шуд то ба ра додарсам афаканданд
چه توان کرد سراغ همه زین دشت گم است
در پی قافلهٔ بیجرسم افکندند
ча тавон-кард сароғ ҳама зин дашт-гам аст
дар пи қофала бе-ҷарсам афаканданд
شکوهٔ من ز فراموشی احباب خطاست
از ادب پیش گذشتم که پسم افکندند
шакуа ман з фаромуши аҳабоб хтост
аз адаб пиш газаштам ки пасам афаканданд
سخت زحمتکش اسباب جهانم بیدل
چه نمودند که در دیده خسم افکندند
сахт заҳаматакаш асабоб ҷаҳонам бидел
ча намуданд ки дар дида хасам афаканданд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- دشت
- بیابانِ پهناور؛ نمادِ گستره تنهایی و سرگردانیِ عاشق.
- فلک
- آسمان و گردونِ روزگار؛ نمادِ سرنوشت و جفای چرخ.
- عمر
- زندگانی؛ به اندازه چند نفس کوتاه و ناپایدار شمرده میشود.
- ادب
- حرمت و آیینِ رفتار؛ نمادِ خاموشی و فروتنیِ سالک.
- قدر
- ارزش و منزلت؛ نمادِ قدرشناسیِ گوهرِ نهان.
- سراغ
- جستوجو و نشانِ کسی؛ پیجوییِ گمشده.
- تغافل
- خود را به بیخبری زدن؛ نازِ معشوق در نادیدهگرفتنِ عاشق.