تجدید سِحرکاریست در جلوهزار عنقا
تجدید سِحرکاریست در جلوهزار عنقا
صدگردش است و یک گل رنگِ بهار عنقا
таҷадид саҳаракори-ст дар ҷалуа-зор ъанқо
садагардаш аст ва як-гул ранг бҳор ъанқо
هرچند نوبهاریم یا جوش لالهزاریم
باغ دگر نداریم غیر از کنار عنقا
ҳарачанд нубҳорим йо ҷуш лола-зорим
боғ дагар ндорим ғир аз канор ъанқо
سطری نخواند فطرت از درسگاه تحقیق
تقویمها کهن کرد امسال و پار عنقا
сатари нхонд фтарт аз дарсаго таҳақиқ
тақавайам-ҳо каҳан-кард амасол ва пор ъанқо
آیینه جز تحیر اینجا چه نقش بندد
از رنگ شرم دارد صورتنگار عنقا
оина ҷуз таҳир инҷо ча нақш бандад
аз ранг шарм дорад сурт-нгор ъанқо
تسلیم عشق بودن مفت است هرچه باشد
ما را چهکار و کو بار در کار و بار عنقا
тасалим-ишқ будан мафт-аст ҳарача бошад
мо ро ча-кор ва ку бор дар кор ва бор ъанқо
شهرتپرستی وهم تا چند باید اینجا
نقش نگین رها کن ای نامدار عنقا
шаҳарт-парсати ваҳм то чанд бойд инҷо
нақш нгин раҳо кан эй номадор ъанқо
هم صحبتیم و ما را از یکدگر خبر نیست
عنقا چه وانماید گر شد دچار عنقا
ҳам-саҳабатим ва мо ро аз йакадагар хабар нест
ъанқо ча вонамойд гар шуд дачор ъанқо
نایابی مطالب معدوم کرد ما را
دیگر کسی چه یابد در انتظار عنقا
нойоби матолаб маъадум кард мо ро
дигар каси ча йобд дар анатазор ъанқо
مرگ است آخر کار عبرتنمای هستی
غیر از عدم که خندد بر روزگار عنقا
мараг аст охар кор ъабарт-намой ҳастӣ
ғир аз ъадам-ки хандад бар рузагор ъанқо
زیر پرند گردون، رسواست خلق مجنون
عریانیِ که پوشد این جامهوار عنقا
зир парнад гардун, расавост халқ маҷанун
ъарионайи ки пушад ин ҷома-вор ъанқо
گفتیم بینشانی رنگی به جلوه آرد
ما را نمود بر ما آیینهدار عنقا
гафтим бе-нашони ранги ба ҷалуа орд
мо ро намуд бар мо оина-дор ъанқо
در خاکدان عبرت غیر از نفس چه داریم
پُرروشناست بیدل شمع مزار عنقا
дар хокадон ъабарт ғир аз нафас ча дорим
пурарушаност бидел шамъ мазор ъанқо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- جلوه
- آشکارشدن زیبایی یا حقیقت در صورت دیدنی.
- خلق
- مردمان یا خوی و سرشت؛ جهانِ کثرت در برابرِ تنهایی.
- باغ
- بوستان؛ نمادِ جهان، جلوهگاهِ حُسن و گذرِ بهارِ عمر.
- عبرت
- پندگرفتن؛ درسِ بیداری از گذرِ روزگار و فنای جهان.