هرجا دلی تپیدن شوق خیال داشت
هرجا دلی تپیدن شوق خیال داشت
گرد به باد رفتهٔ من رقص حال داشت
ҳараҷо дали тапидан шуқ хаёл дошт
гард ба бод рафта ман рақас ҳол дошт
روزی که عشق زد رقم ناتوانیام
چون خامه استخوان تنم مغز نال داشت
рузи ки ишқ зд рақам нотавони-ам
чун хома асатахон танам мағаз нол дошт
رازم ز بینقابی اظهار اشک شد
عریانی اینقدر عرق انفعال داشت
розм з бе-нқоби азаҳор ашак шуд
ъариони айанқадар ъарақ анафаъол дошт
درکیش عشق ساز رهایی ندامت است
افسوس طایری که به دام تو بال داشت
даракиш ишқ соз раҳойай ндомат аст
афасус тойри-ки ба дом ту бол дошт
امروز نیست داغ تو خلوت فروز دل
خورشید ریشه در دل ماه از هلال داشت
амаруз нест доғ ту халут-фаруз дил
хурашид риша дар дил мо аз ҳалол дошт
از دل به غیر شعلهٔ آهی نشد بلند
عرض سراسر چمنم یک نهال داشت
аз дил ба ғир шаъала оҳи нашад баланд
ъарз саросар чаманам як наҳол дошт
در بحر احتیاج که موجش تپیدن است
آسایشی که داشت لب بیسؤال داشت
дар баҳар аҳатиоҷ-ки муҷаш тапидан аст
осойаши ки дошт лаб бе-савол дошт
بیهوده همچو صبح دمیدیم و سوختیم
فصل بهار بی نفسی اعتدال داشت
биҳуда ҳамачу субҳ дамидим ва сухтим
фасал бҳор бе-нафаси аъатадол дошт
دل خون شد و کسی به فغانش نبرد پی
این چینی شکسته زبان سفال داشت
дил хон шуд ва каси ба фағонаш набард пи
ин чини шакаста забон сафол дошт
از دل غبار هستی موهوم شستهایم
رفت آنکه لوح آینهٔ ما مثال داشت
аз дил ғубор ҳастӣ муҳум шаста-айам
рафт онака луҳ оина мо масол дошт
عمرم، کی آمدم که دهم عرض رفتنی
تهمت خرامیام قدم ماه و سال داشت
ъамарм,ки омадам ки даҳам ъарз рафтани
таҳамат хароми-ам қадам мо ва сол дошт
تنها نه بیدل از تپش آرام منزل است
هر بسمل، آشیان طرب، زبر بال داشت
танаҳо на бидел аз тапаш ором маназал аст
ҳар басамал, ошион тараб, забар бол дошт
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.