تا عرقناک از چمن آن شوخ بیپروا گذشت
تا عرقناک از چمن آن شوخ بیپروا گذشت
موج خجلت سرو را چون قمری از بالا گذشت
то ъарақанок аз чаман он шух бе-параво газашт
мавҷ хаҷалат сару ро чун қамари аз боло газашт
وای بر حال کمند نالههای نارسا
کان تغافلپیشه از معراج استغنا گذشت
вой бар ҳол каманд нола-ҳой норсо
кон тағофал-пиша аз маъароҷ асатағано газашт
ما به چندین کاروان حسرتکمین رهبریم
شمع در شبگیر دود دل عجب تنها گذشت
мо ба чандин коравон ҳасарт-камин раҳабарим
шамъ дар шабагир дуд дил ъаҷаб танаҳо газашт
محو دل شو تا توانی رستن از آفات دهر
موج بی وصل گهر نتواند از دریا گذشت
маҳу дил шу то тавони растан аз офот даҳар
мавҷ би васал гаҳар натавонд аз дарё газашт
بستهای احرام صد عقبا امل اما چه سود؟
فرصت نگذشتهات پیش از گذشتنها گذشت
баста-эй аҳаром сад ъақабо амал амо ча суд?
фарсат нагазашта-ат пиш аз газаштан-ҳо газашт
بینشانی در نشان پر میزند، هشیار باش
گر همه عنقا شوی نتوانی از دنیا گذشت
бе-нашони дар нашон пур мӣ-занд, ҳашиор бош
гар ҳама ъанқо шавай натавони аз данио газашт
آبله مخموری واماندگیهایم نخواست
زین بیابان لغزشم آخر قدحپیما گذشت
обала махамури вомонадаги-ҳойам нхост
зин биобон лағазашм охар қадаҳ-пимо газашт
گر برون آیم ز فکر دل اسیر دیدهام
عمر من چون می به بند ساغر و مینا گذشت
гар барун ойам з факар дил асир дида-ам
умр ман чун мӣ ба банд соғар ва мино газашт
بر غنا زد احتیاج خست ابنای دهر
تنگ دستی در عزیزان ماند لیک از ما گذشت
бар ғано зд аҳатиоҷ хаст абаной даҳар
танг дасти дар ъазизон монд лик аз мо газашт
عافیتها بسکه بود آن سوی پرواز امل
کرد استقبال امروزی که از فردا گذشت
ъофит-ҳо басака буд он савай паравоз амал
кард асатақабол амарузи ки аз фардо газашт
گر ز دنیا بگذری تشویش عقبا حایل است
تا ز خود نگذشتهای میبایدت صدجا گذشت
гар з данио багазари ташавайаш ъақабо ҳойал аст
то з худ нагазашта-эй мӣ-бойадат садаҷо газашт
بیدل از رنگ شکست شیشهای خندیده است
کز غبارش ناله نتواند به سعی پا گذشت
бидел аз ранг шакаст шиша-эй хандида аст
каз ғабораш нола натавонд ба саъи по газашт
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- فرصت
- مجال کوتاه انجام کار؛ در شعر غالبا لحظه گذرای عمر.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.
- آبله
- تاولِ پا یا دانهٔ پوست؛ نشانهٔ رنجِ راه و سلوک.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- فکر
- اندیشه؛ تأمل و سیرِ ذهن، گاه دامِ راهِ دل.