در پیچ وتابِ گیسو تا شانه را عروسیست
در پیچ وتابِ گیسو تا شانه را عروسیست
سیرِ سوادِ زنجیر دیوانه را عروسیست
дар пич ватоби гису то шона ро ъаруси-ст
сир савод занҷири дивона ро ъаруси-ст
بیگریه نیست ممکن تعمیر حسرت دل
تا سیل میخرامد ویرانه را عروسیست
бе-гариа нест мамакан таъамир ҳасарт дил
то сил мӣ-харомад вайрона ро ъаруси-ст
دریا گُهرفروشست از آرمیدن موج
گر آرزو بمیرد فرزانه را عروسیست
дарё гаҳарфаруш-ст аз ормидан мавҷ
гар орзу бамирд фарзона ро ъаруси-ст
عیش و نشاطِ امکان موقوفِ غفلت ماست
تا ما سیاهمستیم میخانه را عروسیست
ъиш ва нашоти амакон муқуфи ғафалат мост
то мо сио-мастим михона ро ъаруси-ст
فیضی نمیتوان برد تا دل به غم نسازد
آتش زن و طرب کُن کاین خانه را عروسیست
физи нами-тавон бард то дил ба ғам насозд
оташ зн ва тараб-кан-койан хона ро ъаруси-ст
دل را بهارِ عشرت ترک خیالِ جسم است
گر سر برآرد از خاک این دانه را عروسیست
дил ро бҳор ъашарт тарак хаёл ҷасам аст
гар сар барорд аз хок ин дона ро ъаруси-ст
بازار وهم گرم است از جنسِ بیشعوری
در بزمِ خوابناکان افسانه را عروسیست
бозор ваҳм-гарм аст аз ҷанаси бе-шаъури
дар базм хобанокон афасона ро ъаруси-ст
از لطف سرفرازان شادند زیردستان
در خندهٔ صُراحی پیمانه را عروسیست
аз латаф сарфарозон шоданд зирдастон
дар ханда суроҳи пимона ро ъаруси-ст
زان نالهای که زنجیر در پای شوق دارد
فرزانه را ندامت، دیوانه را عروسیست
зон нола-эй ки занҷири дар пой шуқ дорад
фарзона ро ндомат, дивона ро ъаруси-ст
در سینه، بی خیالت، رقصِ نفس محال است
تا شمع جلوه دارد پروانه را عروسیست
дар сина, бе-хиолат, рақаси нафас маҳол аст
то шамъ ҷалуа дорад паравона ро ъаруси-ст
بیدل چرا نسوزم شمعِ وداعِ هستی
زان شوخِ آشناکُش بیگانه را عروسیست
бидел чаро насузм шамъ вадоъи ҳастӣ
зон шухи ошанокуш бигона ро ъаруси-ст
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- جلوه
- آشکارشدن زیبایی یا حقیقت در صورت دیدنی.
- شوق
- اشتیاقِ سوزان؛ کششِ پرشورِ دل بهسوی معشوق و وصال.