حبابت ساغر و با بحر توفان پیش میآیی
حبابت ساغر و با بحر توفان پیش میآیی
حذر کز یکنفس تنگی برون از خویش میآیی
ҳабобат соғар ва бо баҳар туфон пиш мӣ-ойай
ҳазар каз йаканафас танги барун аз хеш мӣ-ойай
حلاوت آرزوییها گزند آماده است اینجا
همه گر در عسل پا افشری بر نیش میآیی
ҳаловат оразавайайаҳо газнад омода аст инҷо
ҳама-гар дар ъасал по афашари бар ниш мӣ-ойай
در آن محفل که ناز آدمیت خرس و بز دارد
محاسن میفروشی هرقدر با ریش میآیی
дар он маҳафал-ки ноз одамит харс ва баз дорад
маҳосан мӣ-фаруши ҳарақадар бо риш мӣ-ойай
برو آنجا که سقف سیمکار و قصر زر باشد
تو شیطانی کجا درکلبهٔ درویش میآیی
бару онҷо ки сақаф симакор ва қасар зар бошад
ту шитони каҷо даракалаба даравайаш мӣ-ойай
در اهل مزبلهگند حدث تاثیرها دارد
خباثت پیشه کن دنیاست آخر پیش میآیی
дар аҳал мазабала-ганд ҳадас тосираҳо дорад
хабост пиша-кан даниост охар пиш мӣ-ойай
چه افسون اینقدرها دارد از قرب دلت غافل
که منزل در بغل گم کرده دوراندیش میآیی
ча афасун айанқадараҳо дорад аз қараб далат ғофал
ки маназал дар бағал гам карда дурондиш мӣ-ойай
به عریانی سر یک رشته دامانت نمیگیرد
جنون کن گر برون از عالم تشویش میآیی
ба ъариони сар як рашта домонат нами-гирд
ҷанун кан гар барун аз олам ташавайаш мӣ-ойай
حباب نقد هستی امتحانی دارد از صفرت
کمی هم زین میان گر رفته باشی بیش میآیی
ҳабоб нақад ҳастӣ аматаҳони дорад аз сафарт
ками ҳам зин мион-гар рафта боши биш мӣ-ойай
همین آوازم از دلهای درد آلود میآید
که مرهم شو اگر بر آستان ریش میآیی
ҳамин овозм аз далаҳой дард олуд мӣ-ойд
ки мараҳам шу агар бар остон риш мӣ-ойай
بهارت بیدل آخر در چه گلزار آشیان دارد
که عمری شد به چندین رنگ پیش خویش میآیی
бҳорт бидел охар дар ча-галазор ошион дорад
ки ъамари шуд ба чандин ранг пиш хеш мӣ-ойай
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- حباب
- پوسته نازک روی آب؛ نماد ناپایداری و تهیبودن.
- محفل
- انجمن و بزم؛ مجلسِ یاران و جلوهگاهِ شمعِ معشوق.
- بحر
- دریا؛ نماد وحدت و هستی بیکران که قطره در آن محو میشود.
- ساغر
- جامِ شراب؛ نمادِ دریافتِ فیض و سرمستیِ معنوی.
- رشته
- نخ و بند؛ نمادِ پیوند، تعلق و سلسله جان.
- افسون
- وردِ جادو؛ نمادِ فریب، سحرِ سخن و دلربایی.
- منزل
- جایگاهِ فرود؛ نمادِ مقصد، مقامِ سلوک و مرحلهٔ راه.
- توفان
- خیزش پرآشوب؛ نماد آشفتگی و خیزابِ سهمگینِ غبار یا دریا.