بهار رنگ عبرت جز دل روشن نمیبیند
بهار رنگ عبرت جز دل روشن نمیبیند
صفا آیینه دارد در بغل آهن نمیبیند
бҳор ранг ъабарт ҷуз дил рушан нами-бинд
сафо оина дорад дар бағал оҳан нами-бинд
گریبان چاک زن شاید تمیزی واکند چشمت
که یوسف محو آغوشاست و پیراهن نمیبیند
гарибон чок зн шойд тамизи воканд чашмат
ки йавасаф маҳу оғуш-аст ва пироҳан нами-бинд
مزاج همت آزاد حکم آسمان دارد
ز خود هرگاه دل برخاست افتادن نمیبیند
мазоҷ ҳамат озод ҳакам осмон дорад
з худ ҳараго дил бархост афтодан нами-бинд
تحیر توام خورشید میبالد درین گلشن
گل داغی که ما داریم افسردن نمیبیند
таҳир тавом хурашид мӣ-болд дарин галашан
гул доғи ки мо дорим афасардан нами-бинд
مقلد از تجرد برنیاید با سبکروحان
کمالات مسیحا دیدهٔ سوزن نمیبیند
мақалд аз таҷард барниойд бо сабакаруҳон
камолот масиҳо дида сузн нами-бинд
جهان عبرت نمیخواهد به حکم ناز خودبینی
چه سازد شخص فطرت زندگی مردن نمیبیند
ҷаҳон ъабарт нами-хоҳад ба ҳакам ноз ходабини
ча созд шахас фтарт зандаги мардан нами-бинд
پر افشانست موهومی ولی چشم تأملکو
تلاش ذرهٔ ما هیچ جا روزن نمیبیند
пур афашон-ст муҳуми вали чашм томал-ку
талош зара мо ҳич ҷо рузн нами-бинд
به سیر این بهار از عیش مهجوران چه میپرسی
جدایی جز به چشم زخم خندیدن نمیبیند
ба сир ин бҳор аз ъиш маҳаҷурон ча мӣ-парси
ҷадойай ҷуз ба чашм захам хандидан нами-бинд
درین محفل هزار آیینهام آمد به پیش اما
کسی جز عکس خود دیدم که سوی من نمیبیند
дарин маҳафал ҳазор оинаам омад ба пиш амо
каси-ҷуз ъакас-худ дидам-ки савай-ман нами-бинд
چه سازم کز گریبان شعلهواری سر برون آرم
ز همت آتش افسردهام دامن نمیبیند
ча созм-каз гарибон шаъала-вори сар барун орм
з ҳамат оташ афасарда-ам доман нами-бинд
رعونت خاک لیسد تاکنی فهم مآل خود
که پیش پا، کس اینجا بیخم گردن نمیبیند
раъунат хок лисад токани фаҳам мол худ
ки пиш по,кас инҷо бе-хам гардан нами-бинд
فلک هم از نصیب ما ندارد آگهی بیدل
تلاش روزی کس چشم پرویزن نمیبیند
фалак ҳам аз насиб мо надорад огаҳи бидел
талош рузи-кас чашм паравайазн нами-бинд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.
- سیر
- گشت و سفر؛ سلوک و سیرِ معنویِ جان در راهِ حق.
- هیچ
- بودِ تهی و بیاعتبار؛ نشان نفی خود یا جهان گذرا.