اگر جانی وگر جسمی سراب مطلب مایی
اگر جانی وگر جسمی سراب مطلب مایی
به هر جا جلوه گر کردی همان جز دور ننمایی
агар ҷони вагар ҷасами сароб маталаб мойай
ба ҳар ҷо ҷалуа-гар карди ҳамон ҷуз дур нанамойай
نه لفظ آیینهٔ انشا، نه معنی قابل ایما
به این سازست پنهانی، به این رنگست پیدایی
на лафаз оина анашо, на-маъани қобал айамо
ба ин созаст панаҳони, ба ин рангаст пидойай
بهار وحدت است اینجا دویی صورت نمیبندد
خیال آیینه دارد لیک بر روی تماشایی
бҳор ваҳадат аст инҷо давайай сурт нами-бандад
хаёл оина дорад лик бар равай тамошойай
به سامان نگاهت جلوه آغوش اثر دارد
دو عالم سر بهم سودهست تا مژگان بهم سایی
ба сомон нгоҳат ҷалуа оғуш асар дорад
ду олам сар баҳам суда-ст то мажагон баҳам сойай
دلی خون کردم و در آب دیدم نقش امکان را
گداز قطرهٔ من عالمی را کرد دریایی
дали хон кардам ва дар об дидам нақш амакон ро
гадоз қатара ман ъолми ро кард дариойай
هجومگریه برد از جا دل دیوانهٔ ما را
به آب از سنگ سودا محو شد تمکین خارایی
ҳаҷум-гариа бард аз ҷо дил дивона мо ро
ба об аз санг судо маҳу шуд тамакин хоройай
بهارستان شوق بینیازی رنگ ها دارد
گلی مست خود آراییست یعنی عالم آرایی
бҳорастон шуқ бе-ниози ранг ҳо дорад
гали маст худ оройай-ст йаъани олам оройай
به وهم غیر ممکن نیست انداز برون جستن
چوگردون شش جهت آغوش واکردهست یکتایی
ба ваҳм ғир мамакан нест андоз барун ҷастан
чугардун шаш ҷаҳат оғуш вокарда-ст йактойай
قصور و حور گو آنسوی وهم آیینه بردارد
زمان فرصت آگاهان وصلت نیست فردایی
қасур ва ҳур гу онасавай ваҳм оина бардорд
замон фарсат огоҳон васалат нест фардойай
بنازم نشئهٔ یکرنگی جام محبت را
دل از خود رفتنی دارد که پندارم تو میآیی
банозм нашиа йакаранги ҷом муҳаббат ро
дил аз худ рафтани дорад ки пандорм ту мӣ-ойай
هزار آیینه حیرت در قفس کردهست طاووست
جهانی چشم بگشاید تو گر یک بال بگشایی
ҳазор оина ҳайрат дар қафас карда-ст товаваст
ҷаҳони чашм багашойд ту гар як бол багашойай
ز تحریک نفس عمریست بیدل در نظر دارم
پر پروانهٔ چندی جنون پرواز عنقایی
з таҳарик нафас ъамари-ст бидел дар назар дорм
пур паравона чанди ҷанун паравоз ъанқойай
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.