به امیدِ فنا تاب و تبِ هستی گوارا شد
به امیدِ فنا تاب و تبِ هستی گوارا شد
هوای سوختن بال و پرِ پروانهٔ ما شد
ба амид фано тоб ва таби ҳастӣ гаворо шуд
ҳавой сухатан бол ва пур паравона мо шуд
فکندیم از تمیز آخر خلل در کار یکتایی
بدل شد شخص با تمثال تا آیینه پیدا شد
факандим аз тамиз охар халал дар кор йактойай
бадал шуд шахас бо тамасол то оина пидо шуд
زبانِ حال دارد سرمهٔ لافِ کمال اینجا
نفس دزدید جوهر هر قَدَر آیینه گویا شد
забон ҳол дорад сарма лофи камол инҷо
нафас даздид ҷуҳар ҳар қадар оина-гавайо шуд
ز عرضِ جوهرِ معنی به وجدان صلح کن ورنه
سخن رنگِ لطافت باخت گر تقریر فرسا شد
з ъарз ҷуҳар маъани ба ваҷадон салаҳ-кан варна
сахан ранг латофт бохт гар тақарир фарсо шуд
حذر کن از قرینِ بد که در عبرتگه امکان
به جرمِ زشتیِ یک رو هزار آیینه رسوا شد
ҳазар кан аз қарини бд ки дар ъабартага амакон
ба ҷарми заштайи як ру ҳазор оина расаво шуд
به هندستان اگر این است سامانِ رعونتها
توان در مُفلسی همچیره کِلکی بست و مَرعا شد
ба ҳандастон агар ин аст сомон раъунатаҳо
тавон-дар мафаласи-ҳам-чира-калаки-баст-ва мараъо шуд
سراپا قطرهٔ خون نقشبند و در دلی جاکن
غم اینجا ساغری دارد که باید داغِ صهبا شد
саропо қатара хон нақш-банд ва дар дали ҷокан
ғам-инҷо соғари-дорад ки бойд доғ саҳабо шуд
خیالِ هرچه بندی، شوق پیدا میکند رنگش
ز بس جاکرد لیلی در دل مجنون سویدا شد
хаёл ҳарача банди, шуқ пидо мекунад рангаш
з бас ҷокард лили дар дил маҷанун савайдо шуд
گُشادِ غنچه در اوراقِ گل خواباند گلشن را
جهان در موجِ ناخن غوطه زد تا عقدهام واشد
гушоди ғанача дар авароқ-гул хобонд галашан ро
ҷаҳон дар мавҷ нохан ғута зд то ъақада-ам вошад
به خاموشی نمک دادم سراغِ بینشانی را
نفس در سینه دزدیدن صفیرِ بالِ عنقا شد
ба хомуши намак додам сароғ бе-нашони ро
нафас дар сина даздидан сафири бол ъанқо шуд
تأمل پیشه کردم معنیِ من لفظ شد بیدل
ز صهبایم روانی رفت تا آنجا که مینا شد
томал пиша-кардам маъани ман лафаз шуд бидел
з саҳабойам равони рафт то онҷо ки мино-шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- عرض
- ویژگی ناپایدار شیء؛ در برابر جوهر و ذات.
- زبان
- عضوِ گفتار؛ ابزارِ بیان و گاه حجابِ معنای نهفته.
- شوق
- اشتیاقِ سوزان؛ کششِ پرشورِ دل بهسوی معشوق و وصال.