گذشت عمر و دل از حرص سر نمیتابد
گذشت عمر و دل از حرص سر نمیتابد
کسی عنانم از این راه بر نمیتابد
газашт умр ва дил аз ҳарс сар нами-тобд
каси ъанонам аз ин ро бар нами-тобд
درای محمل فرصت خروش صور گرفت
هنوز گوش من بیخبر نمیتابد
дарой маҳамал фарсат харуш сур гарфат
ҳануз гуш ман бе-хабар нами-тобд
جهان ز مغز خرد پنبهزار اوهام است
چه سود برق جنون یک شرر نمیتابد
ҷаҳон з мағаз хард панаба-зор авҳом аст
ча суд барақ ҷанун як шарар нами-тобд
غبار عجز من و دامن خط تسلیم
ز پا فتادگی از جاده سر نمیتابد
ғубор ъаҷаз ман ва доман хт тасалим
з по фтодаги аз ҷода сар нами-тобд
نگاهم از کمر یار فرق نتوان کرد
کسی دو رشته به هم اینقدر نمیتابد
нгоҳам аз камар йор фарақ натавон кард
каси ду рашта ба ҳам айанқадар нами-тобд
نشان من مگر از بینشان توانی یافت
وگرنه هستی عاشق اثر نمیتابد
нашон ман магар аз бе-нашон тавони йофт
вагарна ҳастӣ ъошақ асар нами-тобд
نمیتوان ز کف خاک من غبار انگیخت
جبین عجز به جز سجده برنمیتابد
нами-тавон з каф хок ман ғубор ангихт
ҷабин ъаҷаз ба ҷуз саҷада барнами-тобд
نزاکتیست در آیینهخانهٔ هستی
که چون حباب هوای نظر نمیتابد
назокти-ст дар оина-хона ҳастӣ
ки чун ҳабоб ҳавой назар нами-тобд
نگاه بر مژه دامنفشان استغناست
دماغ وحشت من بال و پر نمیتابد
нго бар мажа доман-фашон асатағаност
дамоғ вҳашт ман бол ва пур нами-тобд
خروش دهر بلند است، بر تغافل زن
که این فسانه به جز گوش کر نمیتابد
харуш даҳар баланд аст, бар тағофал зн
ки ин фасона ба ҷуз гуш кар нами-тобд
شبی به روز رساندن کمال فرصت ماست
چو شمع کوکب ما تا سحر نمیتابد
шаби ба рӯз рсонадан-камол фарсат мост
чу шамъ кукаб мо то саҳар нами-тобд
ز خویش میروم اینک تو هم بیا بیدل
که قاصد آمد و هوشم خبر نمیتابد
з хеш мӣ-рум айанак ту ҳам био бидел
ки қосад омад ва ҳушм хабар нами-тобд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.