امروز بعد عمری دلدار یاد ما کرد
امروز بعد عمری دلدار یاد ما کرد
شرم تغافل آخر حق وفا ادا کرد
амаруз баъад ъамари далдор йод мо кард
шарм тағофал охар ҳақ вафо адо кард
خاک رهیم ما را آسان نمیتوان دید
مژگان خمید تا چشم آهنگ پیش پا کرد
хок раҳим мо ро осон нами-тавон дид
мажагон хамид то чашм оҳанг пиш по кард
گرد بساط تسلیم در عجز نازها داشت
پرواز خود سریها زان دامنم جدا کرد
гард басот тасалим дар ъаҷаз нозаҳо дошт
паравоз худ сариҳо зон доманам ҷадо кард
یا رب که خشک گردد مانند شانه دستش
مشاطهای که دل را از طرهء تو واکرد
йо раб ки хашак гардад монанд шона дасташ
машота-эй ки дил ро аз тараҳаъ ту вокард
فطرت ز خلق می خواست آثار قابلیت
جز دردسر نبودیم ما را به ما رها کرد
фтарт з халқ мӣ хост осор қобалит
ҷуз дардасар набудим мо ро ба мо раҳо кард
غرق نم جبینم از خجلت تعین
کار هزار توفان این یک عرق حیا کرد
ғарақ нам ҷабинам аз хаҷалат таъин
кор ҳазор туфон ин як ъарақ ҳио кард
گفتیم شخص هستی نازی به شوخی آرد
تمثال جلوهگر شد آیینه خندهها کرد
гафтим шахас ҳастӣ нози ба шухи орд
тамасол ҷалуа-гар шуд оина ханда-ҳо кард
دانش جنون شد اما نگشود رمز تحقیق
بند قبای نازی پیراهنم قباکرد
донаш ҷанун шуд амо нагашуд рамаз таҳақиқ
банд қабой нози пироҳанам қабокард
در عقدهٔ تعلق فرسوده بود فطرت
ازخودگسستن آخر این رشته را رساکرد
дар ъақада таъалқ фарсуда буд фтарт
азаходагасастан охар ин рашта ро рсокард
ای وهم غیر ما را معذور دار و بگذر
دل خانهایست کانجا نتوان به زور جا کرد
эй ваҳм ғир мо ро маъазур дор ва багазар
дил хона-эй-ст конҷо натавон ба зур ҷокард
رستن ز قلزم وهم از سرگذشتنی داشت
یاس اینکدو به خود بست تا زندگی شناکرد
растан з қалазм ваҳм аз сарагазаштани дошт
йос ин-каду ба худ баст-то зандаги шанокард
دست ترحمکیست مژگان بیدل ما
بر هرکه چشم واشد پیش از نگه دعا کرد
даст тараҳам-кист мажагон бидел мо
бар ҳарака чашм вошад пиш аз нга даъо кард
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.