حیرت دیدار سامان سفر داریم ما
حیرت دیدار سامان سفر داریم ما
دامن آیینه امشب بر کمر داریم ما
ҳайрат дидор сомон сафар дорим мо
доман оина амашаб баракамар дорим мо
تا سراغگوهر دل در نظر داریم ما
روزوشب گردابوش در خود سفر داریم ما
то сароғ-гуҳар дил дар назар дорим мо
рузушаб гардоб-ваш дар худ сафар дорим мо
خندهٔ ما چون گل از چاک گریبان است و بس
نسخهای از دفتر صنع سحر داریم ما
ханда мочун гул аз чок гарибон-аст-ва бас
насаха-эй аз дафтар санаъ саҳар дорим мо
بیتأمل صورت احوال ما نتوان شناخت
کسوت آهی چو دود دل به بر داریم ما
бе-томал сурт аҳавол мо натавон шанохт
касут оҳи чу дуд дил ба бар дорим мо
از ندامت سیرها در باغ عشرت میکنیم
گل به سر داریم تا دستی به سر داریم ما
аз ндомат сираҳо дар боғ ъашарт мӣ-каним
гул ба сар дорим то дасти ба сар дорим мо
چون حباب اینجا متاع خانه برق خانهاست
آه نتوان گفت، آتش در جگر داریم ما
чун ҳабоб инҷо матоъ хона барақ хона-аст
о натавон гафт, оташ дар ҷагар дорим мо
گرچهاز جوهر سرافرازیست ما را چون چنار
این تهیدستی هم از نقد هنر داریم ما
гарача-аз ҷуҳар сарофарози-ст мо ро чун чанор
ин таҳи-дасти ҳам аз нақад ҳанар дорим мо
نیست چندان رونقی در رنگ عیش بیثبات
ورنه صدگل خنده دریک مشت زر داریم ما
нест чандон рунқи дар ранг ъиш бе-сабот
варна садагал ханда дарик машт зар дорим мо
تا نگاهی گل کند ذوق تماشا رفته است
چون شرر سامان فرصت اینقدر داریم ما
то нгоҳи гул канд зуқ тамошо рафта аст
чун шарар сомон фарсат айанқадар дорим мо
هرکه از خود میرود ماییمگرد رفتنش
چون نفس از وحشت دلها خبر داریم ما
ҳарака аз худ мӣ-руд мойайам-гард рафтанаш
чун нафас аз вҳашт далаҳо хабар дорим мо
در دماغ شوق دود حسرتی پیچیده است.
کیست جزتیغ توتا فهمد چه سر داریم ما
дар дамоғ шуқ дуд ҳасарти пичида аст.
кист ҷазатиғ туто фаҳамад ча сар дорим мо
جرأت پرواز برق خرمن آسودگیست
یک جهان آشفتگی در بال و پر داریم ما
ҷарот паравоз барақ харман осудаги-ст
як ҷаҳон ошафтаги дар бол ва пур дорим мо
باغ دهر از ماست بیدل روشناس رنگ درد
لالهسان آیینهٔ داغ جگر داریم ما
боғ даҳар аз мост бидел рушанос-ранг дард
лола-сон оина доғ ҷагар дорим мо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.