جبههٔ فکر ز خجلت عرق افشان کردیم
جبههٔ فکر ز خجلت عرق افشان کردیم
در شبستان خیال که چراغان کردیم
ҷабҳа факар з хаҷалат ъарақ афашон-кардим
дар шабастон хаёл ки чароғон кардим
دل هر ذرهٔ ما تشنهٔ دیدار تو بود
چشم بستیم و هزار آینه نقصان کردیم
дил ҳар зар-ҳ мо ташана дидор ту буд
чашм бастим ва ҳазор оина нақасон-кардим
هرکه از سعی طلب دامنی آورد به دست
ما به فکر تو فتادیم و گریبان کردیم
ҳарака аз саъи талаб домани овард ба даст
мо ба факар ту фтодим ва гарибон кардим
یارب آیینهٔ دیدار نماید خرمن
تخم اشکی که به یاد تو پریشان کردیم
йораб оина дидор намойд харман
тахам ашаки-ки ба йод ту паришон-кардим
گل وارستگی از گلشن اسباب جهان
خاکساریست که چون دست به دامان کردیم
гул ворастаги аз галашан асабоб ҷаҳон
хокасорист-ки чун даст ба домон-кардим
وسعتآباد جنون وحشت شوقی میخواست
دامنی چند فشاندیم و بیابان کردیم
васаъат-обод ҷанун вҳашт шуқи мӣ-хост
домани чанд фашондим ва биобон кардим
هر چه گل کرد ز ما جوهر خاموشی بود
همچو شمع از نفس سوخته توفان کردیم
ҳар ча гул кард з мо ҷуҳар хомуши буд
ҳамачу шамъ аз нафас сухта туфон-кардим
اشک تا آبلهٔ پا همه دل میغلتید
آه جنسی که نداریم چه ارزان کردیم
ашак то обала по ҳама дил мӣ-ғалатид
о ҷанаси ки ндорим ча арзон кардим
آشیان در تپش بسمل ما داشت بهار
رنگها ریخت ز بالی که پر افشان کردیم
ошион дар тапаш басамал мо дошт бҳор
рангаҳо рихт з боли-ки пур афашон-кардим
عجز رفتار ز ما اشک دمانید چو شمع
صد قدم آبله آرایش مژگان کردیم
ъаҷаз рафтор з мо ашак дамонид чу шамъ
сад қадам обала оройаш мажагон кардим
در بساطی که سر و برگ طرب سوختن است
فرض کردیم که ما نیز چراغان کردیم
дар басоти-ки сар ва бараг тараб сухатан аст
фарз кардим ки мо низ чароғон кардим
بیدل از کلفت مخموری صهبای وصال
چون قدح از لب زخم جگر افغانکردیم
бидел аз калафт махамури саҳабой васол
чун қадаҳ аз лаб захам ҷагар афағон-кардим
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.