حضور معنیام گم گشت تا دل بر صور بستم
حضور معنیام گم گشت تا دل بر صور بستم
مژه واکردم و بر عالم تحقیق در بستم
ҳазур маъани-ам гам гашт то дил бар сур бастам
мажа вокардам ва бар олам таҳақиқ дар бастам
ز غفلت بایدم فرسنگها طی کرد در منزل
که چون شمع از ره پیچیده دستاری به سر بستم
з ғафалат бойадам фарсанагаҳо ти-кард дар маназал
ки чун шамъ аз ра пичида дастори ба сар бастам
به جیب ناله دارم حسرت دیدار طوماری
که هر جا چشم امیدی پرید این نامه بر بستم
ба ҷиб нола дорм ҳасарт дидор тумори
ки ҳар ҷо чашм амиди парид ин нома бар бастам
ز خاک آن کف پا بوسهای میخواست مژگانم
سرشکی را حناییکردم و بر چشم تر بستم
з хок он-каф по буса-эй мӣ-хост мажагонам
сарашаки ро ҳанойай-кардам ва бар чашм тар бастам
مقیم آستانش گرد خود گردیدنی دارد
شدم گرداب تا در خدمت دریا کمر بستم
мақим остонаш-гард худ гардидани дорад
шадам-гардоб то дар хадамат дарё камар бастам
به صید خلق مجهول اینقدر افسون که میخواند
گرفتم پای گاوی چند با افسار خر بستم
ба сид халқ маҷаҳул айанқадар афасун-ки мӣ-хонд
гарфатам пой-говай чанд бо афасор хар бастам
دعا نشنید کس نفرین مگر خارد بن گوشی
ز نومیدی تفنگی چند بر دوش اثر بستم
даъо нашанид кас нафарин магар хорд бан-гуши
з нумиди тафанги чанд бар душ асар бастам
به آسانی سپند من نکرد ایجاد خاکستر
تپیدم نالهکردم سوختمکاین نقش بر بستم
ба осони сапанд ман накард айаҷод хокастар
тапидам нола-кардам сухатам-койан нақш бар бастам
درین گلشن بقدر ناله شوقم داشت پروازی
به رنگ غنچه تا منقار بستم بال و پر بستم
дарин-галашан бақадар нола шуқам дошт паравози
ба ранг ғанача то манқор бастам бол ва пур бастам
غم لذات دنیا برد از من ذوق آزادی
پر پرواز چندین ناله چون نی از شکر بستم
ғам лазот данио бард аз ман зуқ озоди
пур паравоз чандин нола чун ни аз шакар бастам
اسیر اعتبار عالم مطلق عنانیکو
گذشت آن محمل موجی که بر دوشگهر بستم
асир аъатабор олам маталқ ъанони-ку
газашт он маҳамал муҷи-ки бар душ-гаҳар бастам
فسرد از آبله بیدل دماغ هرزه جولانی
دویدن نا امید ریشه شد تا این ثمر بستم
фасард аз обала бидел дамоғ ҳарза ҷулони
давайдан но амид риша шуд то ин самар бастам
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.