زندگی نقد هزار آزارست
زندگی نقد هزار آزارست
هرقدر کم شمری بسیارست
зандаги нақад ҳазор озораст
ҳарақадар кам шамари басиораст
دل جمعی که توان گفت کجاست
غنچه هم یک سر و صد دستارست
дил ҷамаъи ки тавон гафт каҷост
ғанача ҳам як сар ва сад д-стораст
به شمار من و ما خرسندیم
چه توان کرد نفس بیکارست
ба шмор ман ва мо харсандим
ча тавон-кард нафас бикораст
اثر سعی کدام آبله پاست
خار این ره مژه خونبارست
асар саъи кадом обала-пост
хор ин ра мажа хонабораст
خاکساران چمن خرمیاند
سبزه و گل به زمین بسیارست
хокасорон чаман харми-анд
сабаза ва гул ба замин басиораст
حشن نادیده تماشا دارد
مژه برداشتنت دیوارست
ҳашан нодида тамошо дорад
мажа бардошатанат дивораст
در عدم نیز غباری دارد
خاکم آیینهٔ جوهردارست
дар ъадам низ ғабори дорад
хокам оина ҷуҳардораст
پیش پا میخورم از الفت دل
بر نفس آینه ناهموارست
пиш по мӣ-хурм аз алафт дил
бар нафас оина ноҳамавораст
نارسایی قفس شکوهٔ کیست
خامشی پیجش صد طومارست
норсойай қафас шакуа кист
хомаши пиҷаш сад тумораст
غنجه را خنده و پرواز یکیست
بال ما در گره منقارست
ғанҷа ро ханда ва паравоз йки-ст
бол мо дар гара манқораст
چون جرس کاش به منزل نرسیم
نالهٔ ما ز اثر بیزارست
чун ҷарс кош ба маназал нарсим
нола мо з асар бизораст
مرده هم فکر قیامت دارد
آرمیدن چقدر دشوارست
марда ҳам факар қиёмат дорад
ормидан чақадар дашавораст
بیدل از صنعت تقدیر مپرس
زلف یاریم و شب ما تارست
бидел аз санаъат тақадир мапарс
залаф йорим ва шаб мо тораст
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- آبله
- تاولِ پا یا دانهٔ پوست؛ نشانهٔ رنجِ راه و سلوک.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.
- فکر
- اندیشه؛ تأمل و سیرِ ذهن، گاه دامِ راهِ دل.