درین محفل که پیدا نیست رنگ حسن مقصودی
درین محفل که پیدا نیست رنگ حسن مقصودی
چراغ حسرت آلود نگاهم میکند دودی
дарин маҳафал-ки пидо нест ранг ҳасан мақасуди
чароғ ҳасарт олуд нгоҳам мекунад дуди
چو آن شمعی که از فانوس تابد پرتو آهش
درون بیضهام پیداست بال شعله فرسودی
чу он шамаъи ки аз фонус тобд парту оҳаш
дарун биза-ам пидост бол шаъала фарсуди
خروش بینواییهای من یارب که میفهمد
چو مژگانم ز سر تا پا زبان سرمهآلودی
харуш бинавойай-ҳой ман йораб ки мӣ-фаҳамад
чу мажагонам з сар то по забон сарма-олуди
طریق بندگی ناز فضولی برنمیدارد
تو از وضع رضا مگذر چه مقبولی چه مردودی
тариқ бандаги ноз фазули барнами-дорад
ту аз вазаъ рзо магазар ча мақабули ча мардуди
عدم ایمای اسرارت، وجود اظهار آثارت
ز نیرنگ تو خالی نیست معدومی و موجودی
ъадам айамой асарорт, ваҷуд азаҳор осорт
з ниранг ту холи нест маъадуми ва муҷуди
به یک مژگان زدن آیینه بیتمثال میگردد
به حیرت ساز رنگ خودنمایی میبرد زودی
ба як мажагон задан оина бе-тамасол мӣ-гардад
ба ҳайрат соз ранг ходанамойай мӣ-бард зуди
به تیغ آبرو گنج زر و گوهر نمیارزد
اگر انصاف باشد طبع مایل نیست بیجودی
ба тиғ обару ганҷ зар ва гуҳар нами-аразд
агар анасоф бошад табаъ мойал нест биҷуди
مشو غافل ز وضع فقر اگر آرام میخواهی
چو صحرا خاکساری نیست بیدامان مقصودی
машу ғофал з вазаъ фақар агар ором мӣ-хоҳи
чу саҳаро хокасори нест бе-домон мақасуди
به رنگ طوق قمری در هوای سرو موزونت
کند خاکستر من ناله از هر حلقهٔ دودی
ба ранг туқ қамари дар ҳавой сару музунат
канд хокастар ман нола аз ҳар ҳалқа дуди
به راه انتظار جلوهای افکندهام بیدل
چو شمع از چهرهٔ زرین خود فرش زر اندودی
ба ро анатазор ҷалуа-эй афаканда-ам бидел
чу шамъ аз чаҳара зарин худ фараш зар андуди
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.
- زبان
- عضوِ گفتار؛ ابزارِ بیان و گاه حجابِ معنای نهفته.