نه با صحرا سری دارم نه با گلزار سودایی
نه با صحرا سری دارم نه با گلزار سودایی
به هر جا میروم از خویش میبالد تماشایی
на бо саҳаро сари дорм на бо галазор судойай
ба ҳар ҷо мӣ-рум аз хеш мӣ-болд тамошойай
چهگل چیند دماغ آرزو از نشئهٔ تمکین
من و صد بزم مخموری دل ویک غنچه مینایی
ча-гул чинд дамоғ орзу аз нашиа тамакин
ман ва сад базм махамури дил вайк ғанача минойай
در اول گام خواهد مفتگردون پی سپر گشتن
سجود آستانش از جبینم میکشد پایی
дар авал гом хоҳад мафт-гардун пи сапар гаштан
саҷуд остонаш аз ҷабинам мӣ-кашад пойай
عنان گیر غبار کس مباد افسون خودداری
وگرنه ساحل ما نیز دارد جوش دریایی
ъанон гир ғубор кас мабод афасун ходадори
вагарна соҳал мо низ дорад ҷуш дариойай
تعلق میفروشد عشوهٔ مستقبل و ماضی
توگر امروز بیرون آیی از خود نیست فردایی
таъалқ мӣ-фарушад ъашуа мастақабал ва мози
тугар амаруз бирун ойай аз худ нест фардойай
به زندانم مخواه افسردهٔ تکلیف آسودن
غبارم را همان دامن فشانیهاست صحرایی
ба зандонам махо афасарда такалиф осудан
ғаборм ро ҳамон доман фашониҳост саҳаройай
رم هر ذره مهمیزیست بهر وحشی غافل
مرا بیدار سازد هرکه بر راحت زند پایی
рм ҳар зара маҳамизи-ст баҳар ваҳаши ғофал
маро бидор созд ҳарака бар роҳат занд пойай
دل من واشکاف و هرچه میخواهی تماشاکن
که عمری شد به نام حیرتی دارم معمایی
дил ман вошакоф ва ҳарача мӣ-хоҳи тамошокан
ки ъамари шуд ба ном ҳирти дорм маъамойай
عبارت شوخی معنیست از فکر دویی بگذر
ندارد محفل ما شیشه غیر از رنگ صهبایی
ъаборт шухи маъанист аз факар давайай багазар
надорад маҳафал мо шиша ғир аз ранг саҳабойай
به بیدردی در این محفل چه لازم متهم بودن.
گدازی، گریهای، اشکی، جنونی، نالهای، وایی
ба бидарди дар ин маҳафал ча лозм матаҳам будан.
гадози, гариа-эй, ашаки, ҷануни, нола-эй, войай
درین صحرای نومیدی که میخواهد سراغ من
که از هر نقش پایم تا عدم خفتهست عنقایی
дарин саҳарой нумиди ки мӣ-хоҳад сароғ ман
ки аз ҳар нақш пойам то ъадам хафта-ст ъанқойай
تاملهای کمظرفی فشرد اجزای من بیدل
دو روزی پیش ازینم قطرگیها بود دریایی
томал-ҳой кам-зарфи фашард аҷазой ман бидел
ду рузи пиш азинам қатараги-ҳо буд дариойай
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.
- شوخی
- چالاکی و دلربایی؛ طنّازی و جلوهگریِ پرشورِ معشوق.
- فکر
- اندیشه؛ تأمل و سیرِ ذهن، گاه دامِ راهِ دل.
- دماغ
- بینی یا سَر؛ جایگاهِ پندار، سرمستی و سودای خیال.
- محفل
- انجمن و بزم؛ مجلسِ یاران و جلوهگاهِ شمعِ معشوق.
- بزم
- مجلسِ شادی و باده؛ نمادِ محفلِ انس و حضور.