دل پا شکسته حق طلب، به رهت چگونه ادا کند
دل پا شکسته حق طلب، به رهت چگونه ادا کند
که چو موج، گوهرش از ادب، ندویدن آبلهپا کند
дил по шакаста ҳақ талаб, ба раҳат чагуна адо канд
ки чу мавҷ,гуҳараш аз адаб, надавайдан обала-по канд
نفس رمیده گر از خودم نشود کفیل برآمدن
چو سحر دماغ طرب هوس به چه بام کسب هوا کند
нафас рмида гар аз ходам нашуд кафил баромадан
чу саҳар дамоғ тараб ҳус ба ча бом касаб ҳаво канд
مشنو ز ساز گدای من به جز این ترانه نوای من
که غبار بیسر و پای من به رهت نشسته دعا کند
машану з соз гадой ман ба ҷуз ин тарона навой ман
ки ғубор бе-сар ва пой ман ба раҳат нашаста даъо канд
به جهان عشوه چو بوی گل نخوری فریب شکفتگی
که به بیم غنچه تبسمت ز هزار پرده جدا کند
ба ҷаҳон ъашуа чу бавай-гул нхори фариб шакафтаги
ки ба бим ғанача табасамат з ҳазор парда ҷадо канд
نه به دیدهها ز عیان اثر نه به گوشها ز بیان خبر
به گشاد روزن بام و در، کسی از کسی چه حیا کند
на ба дида-ҳо з ъион асар на ба-гушаҳо з бион хабар
ба-гашод рузн бом ва дар,каси аз каси ча ҳио канд
نشود مقلد راز دل به هوس محقق مستقل
ز غرور اگر همه ناوکت به نشان رسدکه خطاکند
нашуд мақалд роз дил ба ҳус маҳақақ мастақал
з ғарур агар ҳама новакт ба нашон расадака хтоканд
به هزار پیچ و خم هوس گره است سلسلهٔ نفس
چقدر طبیعت ازین و آن گسلدکه رشته رسا کند
ба ҳазор пич ва хам ҳус-гара аст саласала нафас
чақадар табиъат азин ва он-гасалдака рашта-рсо канд
به غبار قافلهٔ عدم بروآنقدرکه ز خود روی
نشده است گم دل عاقلی که تلاش بانگ درا کند
ба ғубор қофала ъадам баравонақадарака з худ равай
нашада аст гам дил ъоқали ки талош бонг даро канд
شود آب انجمن حیا به فسوس دست مروتت
که دفی به آن همه بیحسی ز طپانچهٔ تو صدا کند
шуд об анаҷаман ҳио ба фасус даст марутат
ки дафи ба он ҳама биҳаси з тапонача ту садо канд
رگ خواب راحت عاجزان مگشا به نشتر امتحان
که به پهلوبت ستم است اگر نی بورسبا مژه واکند
раг хоб роҳат ъоҷазон магашо ба наштар аматаҳон
ки ба-паҳалубат сатам аст агар ни бурс-бо мажа воканд
کف دست سوده به یکدگر چمن طراوت بیدلی
که ز صد بهار گل اکتفا به همین دو برگ حنا کند
каф даст суда ба йакадагар чаман тароват бидали
ки з сад бҳор гул акатафо ба ҳамин ду бараг ҳано канд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- سحر
- سپیدهدم؛ زمان گشایش، دعا، بیداری و تغییر حال.