به طراز دامن ناز و چه ز خاکساری ما رسد
به طراز دامن ناز و چه ز خاکساری ما رسد
نزد آن مژه به بلندیی که ز گرد سرمه دعا رسد
ба тароз доман ноз ва ча з хокасори мо расад
назд он мажа ба баландий ки з гард сарма даъо расад
تک و پوی بیهده یک نفس در انفعال هوس نزد
به محیط می رسدم شنا عرقی اگربه حیا رسد
так ва павай биҳада як нафас дар анафаъол ҳус назд
ба маҳит мӣ расадам шано ъарақи агараба ҳио расад
به فشار تنگی این قفس چو حباب غنچه نشستهام
پر صبح میکشم از بغل همه گر نفس به هوا رسد
ба фашор танги ин қафас чу ҳабоб ғанача нашаста-ам
пур субҳ мӣ-кашм аз бағал ҳама-гар нафас ба ҳаво расад
ز خمار فرصت پرفشان نه بهار دیدم و نی خزان
همه جاست نشئه به شرط آن که دماغها به وفا رسد
з хамор фарсат парфашон на бҳор дидам ва ни хазон
ҳама ҷост нашиа ба шарт онака дамоғаҳо ба вафо расад
نه زمین بساط غبار ما نه فلک دلیل بخار ما
به سراغگرد نفسکسی به کجا رسدکه به ما رسد
на замин басот ғубор мо на фалак далил бахор мо
ба сароғ-гард нафас-каси ба-каҷо расадака ба мо расад
به گشاد دست کرم قسم که درین زیانکدهٔ ستم
نرسد به تهمت بستگی ز دری که نان به گدا رسد
ба-гашод даст-карм қасам-ки дарин зионакада сатам
нарсад ба таҳамат бастаги з дари-ки нон ба-гадо расад
دل بینوا به کجا برد غم تنگ دستی ومفلسی
مژه برهم آورد از حیاکه برهنهای به قبا رسد
дил бинаво ба-каҷо бард ғам танг дасти вамафаласи
мажа бараҳам овард аз ҳиока бараҳана-эй ба қабо расад
مگذر ز خاصیت سخا که سحاب مزرعهٔ وفا
به فتادگی شکند عصا که فتادهای به عصا رسد
магазар з хосит сахо ки саҳоб мазараъа вафо
ба фтодаги шаканд ъасо ки фтода-эй ба ъасо расад
به دعایی از لب عاجزان نگشودهای در امتحان
که زآبیاری یک نفس سحری به نشو و نما رسد
ба даъойай аз лаб ъоҷазон нагашуда-эй дар аматаҳон
ки зобиори як нафас саҳари ба нашу ва намо расад
به کمین جهد تو خفته است الم ندامت عاجزی
مدو آنقدر به ره هوس که به خواب آبله پا رسد
ба-камин ҷаҳад ту хафта аст алм ндомат ъоҷази
маду онақадар ба ра ҳус-ки ба хоб обала по расад
به قبول آنکف نازنین که کند شفاعت خون من
در صبر میزنم آنقدرکه بهار رنگ حنا رسد
ба қабул он-каф нознин-ки канд шафоъат хон ман
дар сабар мӣ-занам онақадарака бҳор ранг ҳано расад
سر رشتهٔ طرب آگهان به بهار میکشد از چمن
چو خیال بیدل اگر کسی زتو نگذرد به خدا رسد
сар рашта тараб огаҳон ба бҳор мӣ-кашад аз чаман
чу хаёл бидел агар каси зату нагазард ба хадо расад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.