اگر نظّاره گل میتوان کرد
اگر نظّاره گل میتوان کرد
وطن در چشم بلبل میتوان کرد
агар назора-гул мӣ-тавон кард
ватан дар чашм балабал мӣ-тавон кард
درین محفل ز یک مینا بضاعت
به چندین نغمه قلقل میتوان کرد
дарин маҳафал з як мино базоъат
ба чандин нағама қалқал мӣ-тавон кард
عرقواری گر از شرم آب گردم
به جام عالمی مل میتوان کرد
ъарақ-вори гар аз шарм об гардам
ба ҷом ъолми мал мӣ-тавон кард
نظر بر خویش واکردن محال است
اگرگویی تغافل میتوان کرد
назар бар хеш вокардан маҳол а-ст
агарагавайай тағофал мӣ-тавон кард
چو صبح این یک نفس گردی که داریم
اگر بالد تجمل میتوان کرد
чу субҳ ин як нафас гарди ки дорим
агар болд таҷамал мӣ-тавон кард
به هر محفل که زلفش سایه افکند
ز دود شمع کاکل میتوان کرد
ба ҳар маҳафал-ки залафаш сойа афаканд
з дуд шамъ-кокал мӣ-тавон кард
شهید حسرت آن گلعذارم
ز زخم خنده برگل میتوان کرد
шаҳид ҳасарт он-галаъазорм
з захам ханда барагал мӣ-тавон кард
به هر جا سطری از زلفش نوبسند
قلم از شاخ سنبل میتوان کرد
ба ҳар ҷо сатари аз залафаш нубасанд
қалм аз шох санабал мӣ-тавон кард
درین گلشن اگر رنگست و گر بوست
قیاس بال بلبل میتوان کرد
дарин-галашан агар рангаст ва гар буст
қиос бол балабал мӣ-тавон кард
اگر این است عیش خاکساری
ز پستی هم تنزل میتوان کرد
агар ин аст ъиш хокасори
з пасти ҳам таназал мӣ-тавон кард
محیط بیخودی منصور جوش است
به مستی جزو را کل میتوان کرد
маҳит биходи манасур ҷуш аст
ба масти ҷазу ро кал мӣ-тавон кард
ازین بیدانشان جان بردنی هست
اگر اندک تجاهل میتوان کرد
азин бе-донашон ҷон бардани ҳаст
агар анадак таҷоҳал мӣ-тавон кард
تردد مایهٔ بازار هستیست
اگر نبود توکل میتوان کرد
тардад мойа бозор ҳастӣ-ст
агар набуд тукал мӣ-тавон кард
پر آسان است ازین دریا گذشتن
ز پشت پا اگر پل میتوان کرد
пур осон аст азин дарё газаштан
з пашт по агар пал мӣ-тавон кард
دهان یار ناپیداست بیدل
به فهم خود تأمل میتوان کرد
даҳон йор нопидост бидел
ба фаҳам худ томал мӣ-тавон кард
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.
- محفل
- انجمن و بزم؛ مجلسِ یاران و جلوهگاهِ شمعِ معشوق.
- دریا
- پهنه بزرگ آب؛ کنایه از گستردگی، بیکرانی یا اصل وحدت.