زان تغافلگر چرا ناشاد باید زیستن
زان تغافلگر چرا ناشاد باید زیستن
ای فراموشان به ذوق یاد باید زیستن
зон тағофал-гар чаро ношод бойд зисатан
эй фаромушон ба зуқ йод бойд зисатан
بلبلان نی الفت دام است اینجا نی قفس
بر مراد خاطر صیاد باید زیستن
балабалон ни алафт дом аст инҷо ни қафас
бар марод хотар сиод бойд зисатан
من نمیگویم به کلی از تعلقها برآ
اندکی زین دردسر آزاد باید زیستن
ман нами-гавайам ба-кали аз таъалқ-ҳо баро
анадаки зин дардасар озод бойд зисатан
خواه در دوزخ وطن کن خواه با فردوس ساز
عافیت هرجا نباشد شاد باید زیستن
хо дар дузах ватан-кан хо бо фардус соз
ъофит ҳараҷо набошад шод бойд зисатан
چون سپندم عمرها در کسوت افسردگی
بر امید یک تپش فریاد باید زیستن
чун сапандам ъамараҳо дар касут афасардаги
бар амид як тапаш фариод бойд зисатан
نیست زین دشوارتر جهدی که ما را با فنا
صلح کار عالم اضداد باید زیستن
нест зин дашаворатар ҷаҳади ки мо ро бо фано
салаҳ кор олам аздод бойд зисатан
زندگی بر گردن افتادهست یاران چاره چیست
چند روزی هر چه باداباد باید زیستن
зандаги бар гардан афтода-ст йорон чора чист
чанд рузи ҳарача бодобод бойд зисатан
موج گوهر در قناعت گاه قسمت خشک نیست
تردماغ شرم استعداد باید زیستن
мавҷ гуҳар дар қаноъат го қасамат хашак нест
тардамоғ шарм асатаъадод бойд зисатан
هر سر مویت خم تسلیم چندین جانکَنیست
با هزاران تیشه یک فرهاد باید زیستن
ҳар сар мавайт хам тасалим чандин ҷон-кани-ст
бо ҳазорон тиша як фараҳод бойд зисатан
بیدل این هستی نمیسازد به تشویش نفس
شمع را تا کی به راه باد باید زیستن
бидел ин ҳастӣ нами-созд ба ташавайаш нафас
шамъ ро то ки ба ро бод бойд зисатан
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.
- امید
- چشمداشتِ خیر؛ نورِ دل در برابرِ نومیدی و رجای وصل.
- زندگی
- حیات و بودن؛ فرصتِ گذرا و میدانِ آزمونِ جان.
- عافیت
- تندرستی و آسودگی؛ سلامتِ جان و رهایی از آشوبِ تعلق.
- دام
- تله شکار؛ نمادِ تعلق و گرفتاریِ جان در جهان.
- باد
- وزشِ هوا؛ نمادِ ناپایداری، غرور و تهیّتِ هستی.