اگر به گلشن ز ناز گردد قدِ بلندِ تو جلوهفرما
اگر به گلشن ز ناز گردد قدِ بلندِ تو جلوهفرما
ز پیکرِ سرو، موجِ خجلت شود نمایان چو می ز مینا
агар ба галашан з ноз гардад қади баланд ту ҷалуа-фармо
з пикари сару, мавҷ хаҷалат шуд намойон чу мӣ з мино
ز چشمِ مستت اگر بیابد قبولِ کیفیّتِ نگاهی
تپد ز مستی به رویِ آیینه نقشِ جوهر چو موجِ صَهبا
з чашм мастат агар биобд қабули кифити нгоҳи
тапад з масти ба равай оина нақш ҷуҳар чу мавҷ саҳабо
نخواند طفلِ جنون مزاجم خطی ز پست و بلندِ هستی
شوم فلاطونِ مُلکِ دانش اگر شناسم سر از کفِ پا
нхонд тафали ҷанун мазоҷам хти з паст ва баланд ҳастӣ
шум фалотуни мулаки донаш агар шаносам сар аз каф по
به هیچ صورت ز دورِ گردون نصیبِ ما نیست سربلندی
ز بعدِ مردن مگر نسیمی غبارِ ما را بَرد به بالا
ба ҳич сурт з дур гардун насиби мо нест сарабаланди
з баъади мардан магар насими ғубор мо ро бард ба боло
نه شامِ ما را سحر نویدی، نه صبحِ ما را گلِ سفیدی
چو حاصلِ ماست ناامیدی، غبارِ دنیا به فرقِ عُقبا
на шоми мо ро саҳар навайди, на субҳ мо ро гул сафиди
чу ҳосал мост номиди, ғубор данио ба фарақи ъуқабо
رمیدی از دیده، بیتأمّل، گذشتی آخر به صد تغافل
اگر ندیدی تپیدنِ دل، شنیدنی داشت نالهٔ ما
рмиди аз дида, бе-томал, газашти охар ба сад тағофал
агар ндиди тапидани дил, шанидани дошт нола мо
ز صفحهٔ رازِ این دبستان، ز نسخهٔ رنگِ این گلستان
نگشت نقشِ دگر نمایان مگر غباری به بالِ عَنقا
з сафаҳа рози ин дабастон, з насаха ранг ин галастон
нгашт нақш дагар намойон магар ғабори ба бол ъанқо
به اولین جلوهات ز دلها رمید صبر و گداخت طاقت
کجاست آیینه تا بگیرد غبارِ حیرت درین تماشا
ба авалин ҷалуа-ат з дил-ҳо рмид сабар ва гадохт тоқат
каҷост оина то багирд ғубор ҳайрат дарин тамошо
به دورِ پیمانهٔ نگاهت اگر زند لاف مَی فروشی
نفس به رنگِ کمند پیچد ز موجِ مَی در گلویِ مینا
ба дур пимона нгоҳат агар занд лоф мӣ-фаруши
нафас ба ранг каманд пичад з мавҷ мӣ дар галавайи мино
به بویِ ریحانِ مُشکبارت به خویش پیچیدهام چو سنبل
ز هر رگِ برگِ گل ندارم چو طایرِ رنگ، رشته بر پا
ба бавай риҳони машак-борт ба хеш пичида-ам чу санабал
з ҳар раг бараг гул ндорм чу тойри ранг, рашта бар по
به هرکجا ناز سر برآرد، نیاز هم پایِ کم ندارد
تو و خرامی و صد تغافل، من و نگاهی و صد تمنّا
ба ҳаракаҷо ноз сар барорд, ниоз ҳам пой кам надорад
ту ва хароми ва сад тағофал, ман ва нгоҳи ва сад тамано
ز غنچهٔ او دمید بیدل بهارِ خطِّ نظرفریبی
به معجزِ حسن گشت آخر رگِ زمرّد ز لعل پیدا
з ғанача ав дамид бидел бҳор хт назарфариби
ба маъаҷази ҳасан гашт охар раг змард з лаъал пидо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.