کی به آسانی دم آبم میسر میشود
کی به آسانی دم آبم میسر میشود
دل به صد خون میگدازم تا لبی تر میشود
ки ба осони дам обам мисар мӣ-шуд
дил ба сад хон мӣ-гадозм то лаби тар мӣ-шуд
گر به اینکلفت فغانم ربشه برگردون زند
سدره تا طوبی ز بار دل صنوبر میشود
гар ба ин-калафт фағонам рабаша барагардун занд
садара то туби з бор дил санубар мӣ-шуд
سنگ را هم میتوان برداشت بر دوش شرار
گر گرانیهای دل از ناله کمتر میشود
санг ро ҳам мӣ-тавон бардошт бар душ шарор
гар гарониҳой дил аз нола каматар мӣ-шуд
بیکمالی نیست معنی بر زبان خامشان
موج چون در جوی تیغ آسود جوهر میشود
бе-камоли нест маъани бар забон хомашон
мавҷ чун дар ҷавай тиғ осуд ҷуҳар мӣ-шуд
خاک راه فقر بودن آبروی ما بس است
گر مس مردم ز فیضکیمیا زر میشود
хок ро фақар будан обаравай мо бас аст
гар мас мардам з физ-кимио зар мӣ-шуд
نیست بیالقای معنی حیرت سرشار ما
طوطی از آیینهٔ روشن سخنور میشود
нест бе-алқой маъани ҳайрат сарашор мо
тути аз оина рушан саханур мӣ-шуд
حسرت دل را حساب از دیده باید خواستن
هرچه دارد شیشهٔ ما وقف ساغر میشود
ҳасарт дил ро ҳасоб аз дида бойд хосатан
ҳарача дорад шиша мо вақаф соғар мӣ-шуд
در دبستان جنون از بس پریشان دفتریم
صفحهٔ ما را چو دریا موج مسطر میشود
дар дабастон ҷанун аз бас паришон дафтарим
сафаҳа мо ро чу дарё мавҷ мастар мӣ-шуд
شبنم اشکم عرق گل کردهام یا آبله
کز سراپایم گداز دل مصور میشود
шабанам ашакам ъарақ гул карда-ам йо обала
каз саропойам гадоз дил масур мӣ-шуд
بسکه شرم خودنمایی آب میسازد مرا
آینه در عرض تمثالم شناور میشود
басака шарм ходанамойай об мӣ-созд маро
оина дар ъарз тамасолм шановар мӣ-шуд
سکته بر طبع روان ظلم است جایز داشتن
بحر میلرزد بر آن موجی که گوهر میشود
сакта бар табаъ равон залм аст ҷойаз дошатан
баҳар мӣ-ларзад бар он муҷи ки гуҳар мӣ-шуд
بیدل از بیدستگاهی سر به گردون سودهایم
بال ما را ریختن پرواز دیگر میشود
бидел аз бе-дастагоҳи сар ба-гардун суда-айам
бол мо ро рихатан паравоз дигар мӣ-шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.