تا چند حسرت چمن و سایههای ابر
تا چند حسرت چمن و سایههای ابر
کو گریهای که خنده کنم بر هوای ابر
то чанд ҳасарт чаман ва сойа-ҳой абар
ку гариа-эй ки ханда канам бар ҳавой абар
افراط عیش دهر ز کلفت گرانترست
دوش هوا پر آبله شد از ردای ابر
афарот ъиш даҳар з калафт гарон-тарсат
душ ҳаво пур обала шуд аз рдой абар
باید به روز عشرت مستان گریستن
مژگان اگر به نم نرسانند جای ابر
бойд ба рӯз ъашарт мастон-гарисатан
мажагон агар ба нам нарсонанд ҷой абар
زاهد مباش منکر تردامنان عشق
رحمت بهانهجوست در این لکههای ابر
зоҳад мабош манакар тардоманон ишқ
раҳамат бҳона-ҷуст дар ин лака-ҳой абар
چندین هزار تخم اجابت فراهم است
در سایهٔ بلندی دست دعای ابر
чандин ҳазор тахам аҷобат фароҳам аст
дар сойа баланди даст даъой абар
یارب در این چمن به چه اقبال میرسد
چتر بهار و سایهٔ بال همای ابر
йораб дар ин чаман ба ча ақабол мӣ-расад
чатар бҳор ва сойа бол ҳамой абар
توفان به این شکوه نبودهست موجزن
چشم که پاک کرد به دامن هوای ابر
туфон ба ин шакуа набуда-ст муҷазн
чашм ки пок кард ба доман ҳавой абар
از اعتبار دست بشستن قیامت است
افتاده است آب چو آتش قفای ابر
аз аъатабор даст башастан қиёмат аст
афтода аст об чу оташ қафой абар
جیب جنون مباد ز خشکی به هم درّد
زبن چشم تر که دوختهام بر قبای ابر
ҷиб ҷанун мабод з хашаки ба ҳам дард
забан чашм тар ки духта-ам бар қабой абар
جایی که ظرف همت مستان طلب کنند
ماییم و کاسهٔ می و دست گدای ابر
ҷойай ки зарф ҳамат мастон талаб кананд
мойайам ва коса мӣ ва даст гадой абар
صبح بهار یاد تو در خاطرم گذشت
چندان گریستم که تهی گشت جای ابر
субҳ бҳор йод ту дар хотарм газашт
чандон гарисатам ки таҳи гашт ҷой абар
عمریست میکنم عرق ومیچکم به خاک
بیدل سرشتهاند گلم از حیای ابر
ъамари-ст мӣ-канам ъарақ вами-чакам ба хок
бидел сарашта-анд галм аз ҳиой абар
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.