بیروی تو مژگان چه نگارد به سرانگشت
بیروی تو مژگان چه نگارد به سرانگشت
چشمیست که باید به در آرد به سرانگشت
бе-равай ту мажагон ча нгорд ба саронгашт
чашми-ст ки бойд ба дар орд ба саронгашт
چون نی زتنگ مایگی درد به تنگیم
تا چند نفس ناله شمارد به سرانگشت
чун ни затанг мойаги дард ба тангим
то чанд нафас нола шморд ба саронгашт
شادم که به زحمتکدهٔ عالم تدبیر
بیناخنیام عقده ندارد به سرانگشت
шодам-ки ба заҳаматакада олам тадабир
бе-нохани-ам ъақада надорад ба саронгашт
مشق خط بیپا و سرمسبحه شماریست
کاش آبلهای نقطه گذارد به سرانگشت
машақ хт бе-по ва сарам-сабҳа шмори-ст
кош обала-эй нақата газорд ба саронгашт
در طبع جهان حرکت بیخواست خراشید
آن کیست که اندیشه گمارد به سرانگشت
дар табаъ ҷаҳон ҳаракт бе-хост харошид
он кист ки андиша гаморд ба саронгашт
از حاصلگل چیدن این باغ ندیدیم
جز ناخن فرسوده که دارد به سرانگشت
аз ҳосал-гул чидан ин боғ ндидим
ҷуз нохан фарсуда-ки дорад ба саронгашт
عمریست که دررنگ چمن شور شکستیست
کو غنچه که گل گوش شمارد به سرانگشت
ъамари-ст ки дараранг чаман шур шакасти-ст
ку ғанача ки гул гуш шморд ба саронгашт
از معنی زنهار من آگاه نگشتی
تا چند چو شمع آینهکارد به سرانگشت
аз маъани занаҳор ман ого нгашти
то чанд чу шамъ оина-корд ба саронгашт
تقلید محال است برد لذت تحقیق
نعمت چو زبان بر نگوارد به سرانگشت
тақалид маҳол аст бард лазат таҳақиқ
наъамат чу забон бар нагаворд ба саронгашт
ای بیکسی این بادیهٔ یأس ندارد
خاری که سر آبله خارد به سرانگشت
эй бикаси ин бодиа йос надорад
хори ки сар обала хорд ба саронгашт
بیدل ز جهان محو شد آثار مروت
امروز به جز موکهگذارد به سرانگشت
бидел з ҷаҳон маҳу шуд осор марут
амаруз ба ҷуз мука-газорд ба саронгашт
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- زبان
- عضوِ گفتار؛ ابزارِ بیان و گاه حجابِ معنای نهفته.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- آبله
- تاولِ پا یا دانهٔ پوست؛ نشانهٔ رنجِ راه و سلوک.
- معنی
- مقصود درونی یا حقیقت پنهان پشت لفظ و صورت.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.