درین وادی چسان آرام باشد کاروانها را
درین وادی چسان آرام باشد کاروانها را
که همدوشیست با ریگ روان سنگ نشانها را
дарин води часон ором бошад коравон-ҳо ро
ки ҳамадуши-ст бо риг равон санг нашон-ҳо ро
چه دل بندد دل آگاه بر معمورهٔ امکان
که فرصت گردش چشمیست دور آسمانها را
ча дил бандад дил ого бар маъамура амакон
ки фарсат гардаш чашми-ст дур осмон-ҳо ро
ز موج بحر کمسامانی عالم تماشا کن
که تیر بیپر از آه حباب است این کمانها را
з мавҷ баҳар кам-сомони олам тамошо кан
ки тир бе-пур аз о ҳабоб аст ин камон-ҳо ро
جگر خون مگر بر اعتبار دل بیفزاید
که قیمت نیست غیر از خونبها یاقوت کانها را
ҷагар хон магар бар аъатабор дил бифазойд
ки қимат нест ғир аз хонабҳо йоқут кон-ҳо ро
به تدبیر از غم کونین ممکن نیست وارستن
مگر سوزد فراموشی متاع این دکانها را
ба тадабир аз ғам кунин мамакан нест ворастан
магар сузд фаромуши матоъ ин дакон-ҳо ро
علاج پیچ وتاب حرص نتوان یافتن ورنه
به جوش آورده فکر حاجت ما بحر و کانها را
ъалоҷ пич ватоб ҳарс натавон йофатан варна
ба ҷуш оварда факар ҳоҷат мо баҳар ва кон-ҳо ро
به یک پرواز خاکستر شدیم از شعلهٔ غیرت
سلام توتیای ماست چشم آشیانها را
ба як паравоз хокастар шадим аз шаъала ғирт
салом тутиой мост чашм ошион-ҳо ро
به بال وبر دهد پرواز مرغان رنج بیتابی
تپیدن بیش نبود حاصل از گفتن زبانها را
ба бол вабар даҳад паравоз марағон ранҷ бе-тоби
тапидан биш набуд ҳосал аз гафтан забон-ҳо ро
چو رنگ رفته، یاد آشیان سودی نمیبخشد
درین وادی که برگشتن نمیباشد عنانها را
чу ранг рафта, йод ошион суди нами-бахашад
дарин води ки барагаштан нами-бошад ъанон-ҳо ро
گرانی کی کشد پای طلب در وادی شوقت
که جسم اینجا سبکروحی کند تعلیم جانها را
гарони ки кашад пой талаб дар води шуқат
ки ҷасам инҷо сабак-руҳи канд таъалим ҷон-ҳо ро
من و عرض نیاز، از عزت و خواری چه میپرسی
که نقش سجده بیش از صدر خواهد آستانها را
ман ва ъарз ниоз, аз ъазат ва хори ча мӣ-парси
ки нақш саҷада биш аз садар хоҳад остон-ҳо ро
چنین کز کلک ما رنگ معانی میچکد بیدل
توان گفتن رگ ابر بهار این ناودانها را
чанин каз калак мо ранг маъони мӣ-чакад бидел
тавон гафтан раг абар бҳор ин новадон-ҳо ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- عرض
- ویژگی ناپایدار شیء؛ در برابر جوهر و ذات.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- فرصت
- مجال کوتاه انجام کار؛ در شعر غالبا لحظه گذرای عمر.