دگر تظلم ما عاجزانکجا برسد
دگر تظلم ما عاجزانکجا برسد
بس است نالهٔ ماگر به گوش ما برسد
дагар тазалм мо ъоҷазон-каҷо барсад
бас аст нола могар ба-гуш мо барсад
به خاک منتظرانت بهارکاشتهاند
بیا ز چشم دهیم آب تا حنا برسد
ба хок манатазаронат бҳоракошта-анд
био з чашм даҳим об то ҳано барсад
کسی به می نکند چارهٔ خمار وفا
پیامی از تو رسد قا دماغ ما برسد
каси ба мӣ наканд чора хамор вафо
пиоми аз ту расад қо дамоғ мо барсад
سبکروان ز غم زاه و منزل آزادند
صدا ز خویش گذشتهست هر کجا برسد
сабакаравон з ғам зо ва маназал озоданд
садо з хеш газашта-ст ҳар каҷо барсад
تمامی خط پرگار بیکمالی نیست
دعا کنید سر ما به نقش پا برسد
тамоми хт парагор бе-камоли нест
даъо канид сар мо ба нақш по барсад
ز آه، بیجگر چاک بهره نتوان برد
گشودنیست در خانه تا هوا برسد
з о, бе-ҷагар чок баҳара натавон бард
гашудани-ст дар хона то ҳаво барсад
ز سعی قامت خم گشته چشم آن دارم
که رفته رفته به آن طرهٔ دوتا برسد
з саъи қомат хам-гашта чашм он дорм
ки рафта рафта ба он тара дуто барсад
ستمکش هوس نارسای اقبالم
به استخوان رسدم کار تا هما برسد
сатамакаш ҳус норсой ақаболм
ба асатахон расадам-кор то ҳамо барсад
دماغ شکوه ندارم وگرنه میگفتم
به دوستان ز فراموشیام دعا برسد
дамоғ шакуа ндорм вагарна мӣ-гафтам
ба дустон з фаромуши-ам даъо барсад
به عالمی که امل میکشد محاسن شیخ
کراست تاب رسیدن مگر قضا برسد
ба ъолми-ки амал мӣ-кашад маҳосан ших
карост тоб рсидан магар қазо барсад
زکوشش است که دستت به دامنی نرسد
اگر دراز کنی پا به مدعا برسد
закушаш аст-ки дастат ба домани нарсад
агар дароз кани по ба мадаъо барсад
چنین که صرف طمع کردی آبرو بیدل
عرق کجاست اگر نوبت حیا برسد
чанин-ки сарф тамаъ-карди обару бидел
ъарақ каҷост агар нубат ҳио барсад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.
- دماغ
- بینی یا سَر؛ جایگاهِ پندار، سرمستی و سودای خیال.
- حیا
- شرم و آزرم؛ پردهٔ ادب و حجابِ جمالِ معشوق.
- غم
- اندوه؛ سرمایهٔ دلِ عاشق و همدمِ شبهای تنهایی.