داغیم چون سپند مپرس از بیان ما
داغیم چون سپند مپرس از بیان ما
در سرمه بال میزند امشب فغان ما
доғим чун сапанд мапарс аз бион мо
дар сарма бол мӣ-занд амашаб фағон мо
عرضِ کمال ما عرقآلود خجلت است
ابر است اگر بلند شود آسمان ما
ъарз камол мо ъарақ-олуд хаҷалат аст
абар аст агар баланд шуд осмон мо
ما را چو شمع بابِ گداز آفریدهاند
یعنی ز مغز نرمتر است استخوان ما
мо ро чу шамъ боби гадоз офарида-анд
йаъани з мағаз нарм-тар аст асатахон мо
شبنمصفت ز بسکه سبکبار میرویم
بوی گل است ناقهکش کاروان ما
шабанам-сафт з басака сабакабор мӣ-равайам
бавай гул аст ноқа-каш коравон мо
چون شعله سر به عالم بالا نهادهایم
خاشاک وهم نیست حریف عنان ما
чун шаъала сар ба олам боло наҳода-айам
хошок ваҳм нест ҳариф ъанон мо
شوخی نگاه ما نفروشد چو آینه
عمریست تخته است ز حیرت دکان ما
шухи нго мо нафарушад чу оина
ъамари-ст тахта аст з ҳайрат дакон мо
پرواز ناله نیز به جایی نمیرسد
از بس بلند ساختهاند آشیان ما
паравоз нола низ ба ҷойай нами-расад
аз бас баланд сохта-анд ошион мо
رنگ شکسته آینهٔ بیخودی بس است
یارب زبان ما نشود ترجمان ما
ранг шакаста оина бе-ходи бас аст
йораб забон мо нашуд тараҷамон мо
جز داغ نیست مائدهٔ دستگاه عشق
آتش خورَد کسی که شود میهمان ما
ҷуз доғ нест мойда дастаго ишқ
оташ хурад каси-ки шуд миҳамон мо
با آنکه ما اسیرِ کمند حوادثیم
عنقاست بینشان به سراغ نشان ما
бо онака мо асири каманд ҳаводасим
ъанқост бе-нашон ба сароғ нашон мо
کو خامشی که شانهکش مدعا شود
آشفته است طرهٔ وضع بیان ما
ку хомаши-ки шона-каш мадаъо шуд
ошафта аст-тара вазаъ бион мо
پیداست راز سینهٔ ما بیدل از زبان
یک پارهٔ دل است زبان در دهان ما
пидост роз сина мо бидел аз забон
як пора дил аст забон дар даҳон мо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.